
Uttarakhand Weather Update: उत्तराखंड में पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही भारी बारिश ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में जगह-जगह भूस्खलन होने से कई सड़कें बंद हो गई हैं और मैदानी जिलों में जलभराव के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए भी कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

सबसे ज्यादा बारिश ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर में दर्ज की गई, जहां 24 घंटे के दौरान 206 मिलीमीटर वर्षा हुई। हरिद्वार जिले के रुड़की और आसपास के इलाकों में भी लगातार बारिश के कारण सड़कें और रिहायशी क्षेत्र पानी में डूब गए। कई जगह लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश का असर प्रदेश के तापमान पर भी देखने को मिला। लगातार वर्षा के कारण अधिकांश जिलों में दिन का तापमान सामान्य से चार से आठ डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया। ठंडी हवाओं और बादलों के चलते मौसम सुहावना जरूर हुआ, लेकिन बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण पूरे राज्य में 107 संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से टूट गया है। नैनीताल झील का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर नौकायन पर अस्थायी रोक लगा दी है।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए राज्य सरकार ने एहतियाती कदम उठाए हैं। देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, चंपावत और बागेश्वर जिलों में कक्षा 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में शुक्रवार को अवकाश घोषित किया गया है।

चमोली और कर्णप्रयाग क्षेत्र में हालात सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। लगातार बारिश के कारण कर्णप्रयाग-पिंडरघाटी क्षेत्र की कई सड़कें और पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं, चमोली जिले में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भनेरपानी के पास भूस्खलन होने से हाईवे करीब साढ़े तीन घंटे तक बंद रहा। गढ़वाल मंडल के 20 से अधिक मार्गों पर बार-बार मलबा आने की वजह से यातायात प्रभावित हो रहा है।
कुमाऊं मंडल में भी बारिश का असर साफ दिखाई दे रहा है। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर चंपा मंदिर के पास पहाड़ी से बड़ी चट्टानें गिरने के कारण चीन सीमा की ओर जाने वाला रास्ता प्रभावित हुआ है। ऊधमसिंह नगर को छोड़कर कुमाऊं के अन्य पांच जिलों में 54 सड़कें मलबा और भूस्खलन के कारण बंद हैं। टिहरी जिले में भी भूस्खलन की चपेट में आने से एक पुराना मकान क्षतिग्रस्त हो गया।
मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी और बागेश्वर के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग ने भारी से अत्यधिक भारी बारिश, तेज गर्जना और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है।
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राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने सलाह दी है कि बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करें और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों तथा पहाड़ी मार्गों से गुजरने से बचें। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव दलों को तैनात किया गया है।
लगातार बारिश के चलते प्रदेश की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है। श्रीनगर में अलकनंदा, कर्णप्रयाग में पिंडर, देवप्रयाग और ऋषिकेश में गंगा, धारचूला में काली नदी, पिथौरागढ़ में सरयू और जौलजीबी में गौरी नदी का जलस्तर पहले की तुलना में ऊपर पहुंच गया है। फिलहाल सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
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