रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू घोलतीर स्थित गुरुद्वारा दमदमा साहिब में रविवार को भी निहंगों का कब्जा बना रहा। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और आईटीबीपी (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) के जवान बड़ी संख्या में तैनात किए गए हैं। प्रशासन लगातार निहंगों से बातचीत कर मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है।
कर्णप्रयाग में हुई मारपीट के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
इससे पहले कर्णप्रयाग में निहंगों द्वारा मारपीट और तलवार से हमला किए जाने की घटना सामने आई थी। इसके बाद आशंका जताई जा रही थी कि निहंग फिर से कर्णप्रयाग पहुंच सकते हैं। इसी को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।
कर्णप्रयाग और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस के साथ पीएसी और आईटीबीपी के जवान भी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। एहतियात के तौर पर कर्णप्रयाग में इंटरनेट सेवाएं भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं।
सीमावर्ती क्षेत्रों में भी कड़ी निगरानी
चमोली जिले की सीमाएं ग्वालदम, मैहलचौरी, चोपता धोतीधार और गौचर जैसे इलाकों से अन्य जिलों से जुड़ती हैं। इन सभी प्रमुख मार्गों और प्रवेश बिंदुओं पर पुलिस, पीएसी और आईटीबीपी के जवानों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
27 जून तक लागू की गई निषेधाज्ञा
कर्णप्रयाग में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रशासन ने 27 जून तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने पर रोक रहेगी। पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि जिले में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था बनी हुई है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए हेमकुंड साहिब और बदरीनाथ धाम की यात्रा सामान्य रूप से जारी है।
इंटरनेट सेवा बंद
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि रुद्रप्रयाग प्रशासन के अनुरोध पर कर्णप्रयाग क्षेत्र में इंटरनेट सेवा बंद की गई है। यह कदम अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं को फैलने से रोकने के लिए उठाया गया है। उन्होंने कहा कि जिले में फिलहाल शांति बनी हुई है और हेमकुंड साहिब की यात्रा बिना किसी बाधा के चल रही है।
गुरुद्वारे में तलवारें लहराकर किया प्रदर्शन
जानकारी के अनुसार शनिवार देर शाम हेमकुंड साहिब यात्रा पर आए कुछ निहंग गुरुद्वारा दमदमा साहिब पहुंचे। वहां उन्होंने तलवारें लहराते हुए विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि निहंगों ने गुरुद्वारे पर कब्जा कर लिया और वहां सेवा कर रहे सेवादारों के साथ मारपीट भी की।
एक यात्री को बंधक बनाए जाने की भी चर्चा
घटना के दौरान निहंगों द्वारा एक यात्री को जबरन अपने कब्जे में रखने की बात भी सामने आई है। हालांकि प्रशासन इस मामले की जांच कर रहा है और सभी तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।
पुलिस और आईटीबीपी लगातार रख रही नजर
निहंगों के हंगामे और तलवारें लहराने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और आईटीबीपी की टीमें मौके पर पहुंच गई थीं। घटना के बाद आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस क्षेत्राधिकारी विकास पुंडीर ने बताया कि वर्तमान में गुरुद्वारे के अंदर करीब सात निहंग मौजूद हैं। पुलिस और आईटीबीपी की टीम लगातार हालात पर नजर रखे हुए है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

