नेशनल डेस्क: भारतीय नौसेना में शुक्रवार को बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला। वाइस एडमिरल अजय कोचर ने भारतीय नौसेना के 48वें वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ (उप प्रमुख) के रूप में पदभार संभाल लिया है। नौसेना में यह दूसरा सबसे महत्वपूर्ण पद माना जाता है। समुद्री सुरक्षा, युद्ध रणनीति और बड़े स्तर के नौसैनिक अभियानों में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नए पद का कार्यभार संभालने से पहले वाइस एडमिरल अजय कोचर ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर देश के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने वीर सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित कर सम्मान व्यक्त किया। इसके बाद साउथ ब्लॉक लॉन्स में उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस समारोह में नौसेना और रक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। भारतीय सेना की परंपरा के अनुसार नए पद की जिम्मेदारी संभालने से पहले यह सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
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वाइस एडमिरल अजय कोचर को रणनीतिक और संचालन संबंधी मामलों का गहरा अनुभव है। पद संभालने से पहले वे अंडमान और निकोबार कमांड के कमांडर-इन-चीफ के रूप में कार्य कर चुके हैं। यह भारत की एकमात्र त्रि-सेवा कमान है, जिसमें थल सेना, नौसेना और वायुसेना मिलकर काम करती हैं। यह कमान हिंद महासागर क्षेत्र और महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाती है।
#WATCH नौसेना स्टाफ के नामित उप-प्रमुख, वाइस एडमिरल अजय कोचर को साउथ ब्लॉक लॉन्स पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। pic.twitter.com/xR0RqiWFWd
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 29, 2026
इसके अलावा उन्होंने पश्चिमी नौसेना कमान में चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। इस दौरान ऑपरेशन सिंदूर के समय उन्होंने समुद्री सुरक्षा, रणनीतिक तैनाती और नौसैनिक अभियानों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। नौसेना के भीतर उन्हें एक कुशल रणनीतिकार और अनुभवी अधिकारी के रूप में देखा जाता है।
वाइस एडमिरल अजय कोचर 1 जुलाई 1988 को भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे। वे गनरी और मिसाइल सिस्टम्स के विशेषज्ञ हैं। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण युद्धपोतों की कमान संभाली। इनमें आईएनएस नाशक, आईएनएस विभूति और आईएनएस कृपाण जैसे युद्धपोत शामिल हैं। वे आईएनएस त्रिकंड के कमीशनिंग कमांडिंग ऑफिसर भी रह चुके हैं। उन्होंने भारत के विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य की भी कमान संभाली थी। उनके नेतृत्व में पोत के एयर विंग का सफल एकीकरण और संचालन किया गया, जिसे नौसेना के लिए बड़ी उपलब्धि माना गया।
नौसेना में उत्कृष्ट सेवाओं और योगदान के लिए वाइस एडमिरल अजय कोचर को कई सम्मान मिल चुके हैं। उन्हें वर्ष 2022 में अति विशिष्ट सेवा पदक और वर्ष 2026 में परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया। नौसेना के अनुसार उन्होंने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण रणनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाया है। भारतीय नौसेना को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में समुद्री सुरक्षा और नौसैनिक तैयारियों को और मजबूती मिलेगी।
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