नेशनल डेस्क: शुभेंदु अधिकारी सीएम की कुर्सी पर बैठते ही एक्शन मोड में आ गए हैं। RG कर मेडिकल कॉलेज रेप और मर्डर केस में लापरवाही और गलतियों को लेकर हाल ही में पश्चिम बंगाल सरकार ने तीन पुलिस अधिकारी सस्पेंड कर दिए। सरकार की इस कार्रवाई के बाद पीड़िता की मां और बीजेपी विधायक रत्ना देबनाथ ने पूर्व सीएम ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने ममता बनर्जी को अपराधियों की मुखिया बताया है।
रत्ना देबनाथ ने मीडिया से कहा कि इस केस में कई लोग शामिल है, लेकिन अभी पूरा सच सामने नहीं आया है। बेटी के साथ डिनर करने वालों की जांच तक नहीं है। अभी तो सिर्फ कॉलेज के प्रिंसिपल को जेल भेजा है। बाकी लोगों की भूमिका पर अभी भी सवाल हैं।
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वहीं पीड़िता की मां ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि ममता बनर्जी के साथ-साथ कॉलेज प्रशासन और उस समय के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी इस मामले के लिए जिम्मेदार हैं। पीड़िता की मां ने पूर्व हेल्थ सेक्रेटरी नारायणस्वरूप निगम का नाम लेते हुए कहा कि वह भी उनकी बेटी की हत्या में शामिल थे। वहीं पीड़िता के पिता शेखररंजन देबनाथ ने दावा करते हुए कहा कि एक आईपीएस अधिकारी ने पहले दिन से ही मामले को छिपाने का प्रयास किया और यह सब पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर हुआ। अब यह बात धीरे-धीरे साफ होती जा रही है।
पीड़िता के माता-पिता ने मौजूदा सरकार की तरफ से की गई कार्रवाई की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि नए मुख्यमंत्री ने अब इस मामले में कदम उठाया है, इसलिए वह उनका धन्यवाद करते हैं। उन्होंने मांग की कि इस केस में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो और पीड़ित परिवार को पूरा इंसाफ मिले।
इस बीच पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले में कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर विनीत कुमार गोयल समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। केस को सही तरीके से नहीं संभाला गया और कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। कुछ पुलिस अधिकारियों पर पीड़ित परिवार को पैसे देकर मामला दबाने की कोशिश करने का भी आरोप है।

