देहरादून: उत्तराखंड पुलिस के सतर्कता विभाग (विजिलेंस) के दल द्वारा वर्ष 2009 में एक विद्युत उपभोक्ता से रिश्वत लेते गिरफ्तार किए गए लाइन मैन के लिए न्यायालय ने 14 साल बाद शनिवार को चार वर्ष के सश्रम कारावास व 5000 रुपये जुर्माने की सजा सुनायी। भ्रष्ट विद्युत कर्मी को जुर्माना की रकम अदा न करने पर, तीन माह के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा देने के आदेश दिए गए हैं। विजिलेंस के पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल ने शनिवार को हुए इस न्यायिक आदेश के बारे में बताया कि दिनाक 18 मर्च 2009 को शिकायतकर्ता योगेन्द्र, निवासी ग्राम नया गाँव पेलियो, थाना पटेलनगर, जिला देहरादून द्वारा विजिलेंस में शिकायती पत्र दिया गया कि लाइनमैन संजय कुमार उसका बिजली का बिल जमा कराने व कनेक्शन जोड़ने की एवज में 12000 रुपये की माँग कर रहा है। बाद में 3000 रुपये रिश्वत में देना तय हुआ व बिजली का बिस स्वयं जमा कराना तय हुआ। उन्होंने बताया कि शिकायत कर्ता रिश्वत नही देना चाहता था, अपितु ऐसे भ्रष्ट कर्मचारी को रंगेहाथ पकड़वाना चाहता था।
गुंज्याल ने बताया कि शिकायत पर विजिलेंस की ट्रैप टीम द्वारा नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही करते हुए उक्त संजय कुमार, लाईनमेन, विद्युत सब स्टेशन, गणोशपुर, जनपद देहरादून को दिनांक 19 मार्च 2009 को शिकायतकर्ता से 3,000 रुपये उत्कोच ग्रहण करते हुये रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि अभियुक्त के विरूद्ध नियमानुसार, धारा 8 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 का अभियोग पंजीकृत कर आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया गया। जिसमें विजिलेंस के अभियोजन अधिकारी अनुज साहनी व पैरोकार गोपाल सिंह कुंवर की कुशल पैरवी के फलस्वरूप, आज विशेष न्यायालय, ए0डी0जे0-7, अंजली नौलियाल द्वारा अभियुक्त संजय कुमार को दोषी पाते हुये धारा 8 भ्र0नि0अधि0 में चार वर्ष का सश्रम कारावास व 5000 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी।
उन्होंने बताया कि न्यायालय ने अर्थदण्ड अदा न करने पर तीन माह के अतिरिक्त साधारण कारावास से भी दण्डित करने का निर्णय दिया है।गुंज्याल ने आम जनता से विजिलेंस के टोल फ्री हैल्प लाईन नं. 1064 एवं व्हाट्स एप हैल्प लाईन नं. 9456592300 पर 24 घंटे सम्पर्क कर भ्रष्टाचार के विरूद्ध अभियान मेंअपना महत्त्वपूर्ण योगदान देने का भी अनुरोध किया है।