नई दिल्ली: मणिपुर में हालात एक बार फिर गंभीर हो गए हैं। उखरुल जिले में हथियारबंद उग्रवादियों द्वारा कई घरों को आग के हवाले किए जाने और गोलीबारी की घटनाओं के बाद तनाव चरम पर पहुंच गया है। बिगड़ते हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने एहतियातन जिले में पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी हैं।
लिटान सारेइखोंग में हिंसा, पूरे जिले में कर्फ्यू
पुलिस के मुताबिक, लिटान सारेइखोंग इलाके में खाली पड़े कई मकानों को निशाना बनाकर आगजनी की गई और फायरिंग की घटनाएं हुईं। यह हिंसा उस घटना के बाद भड़की, जिसमें तांगखुल नगा समुदाय के एक सदस्य पर हमले को लेकर तनाव बढ़ गया था। इससे एक दिन पहले तांगखुल नगा से जुड़े दो संगठनों ने उखरुल और कामजोंग जिलों में कुकी समुदाय की आवाजाही पर पाबंदी का ऐलान किया था।
स्थिति को काबू में रखने के लिए प्रशासन ने पूरे उखरुल जिले में कर्फ्यू लागू कर दिया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों को संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया गया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित
राज्य सरकार ने अफवाहों और हिंसा के फैलाव को रोकने के लिए उखरुल जिले के राजस्व क्षेत्र में ब्रॉडबैंड, वीपीएन और वी-सैट आधारित इंटरनेट सेवाओं को पांच दिन के लिए बंद करने का आदेश दिया है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम पूरी तरह एहतियाती है।
स्थानीय लोगों का गुस्सा, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
हिंसा के बीच अपने घर छोड़कर भाग रहे स्थानीय लोगों ने गोलीबारी रोकने में कथित नाकामी को लेकर सुरक्षाबलों पर नाराजगी जताई है। इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पहाड़ी इलाकों से उठता घना धुआं साफ देखा जा सकता है, जो आगजनी की गंभीरता को दर्शाता है।
21 मकान जलने की पुष्टि, पलायन जारी
राज्य के मंत्री गोविंदास कोंथौजाम ने बताया कि अब तक कम से कम 21 मकानों के जलने की पुष्टि हुई है और हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। बीते दो दिनों से लिटान सारेइखोंग और आसपास के कुकी बहुल गांवों से सैकड़ों लोग—जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं—सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर रहे हैं। कई परिवारों ने कुकी बहुल कांगपोकपी जिले के मोटबुंग और सैकुल क्षेत्रों में शरण ली है।
प्रशासन का कहना है कि अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है और शांति बहाल करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन फिलहाल उखरुल में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।

