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विजाग पॉक्सो अदालत ने यौन उत्पीड़न मामले में स्वामी पूर्णानंद की जमानत याचिका खारिज की

July 25, 2023

विजाग पॉक्सो अदालत ने यौन उत्पीड़न मामले में स्वामी पूर्णानंद की जमानत याचिका खारिज की

विशाखापत्तनम: विशाखापत्तनम की एक पॉक्सो अदालत ने सोमवार को बाबा स्वामी पूर्णानंद की जमानत याचिका खारिज कर दी, जिन्हें पिछले महीने यहां अपने आश्रम में एक नाबालिग लड़की के साथ दो साल से अधिक समय तक यौन उत्पीड़न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।अदालत ने फैसला सुनाया कि चूंकि संत के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं, इसलिए उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती।जुलाई के पहले सप्ताह में हुई पहचान परेड में पीड़िता ने आरोपी की तीन बार पहचान की थी। फोरेंसिक रिपोर्ट से यह भी पता चला कि दो नाबालिगों के साथ यौन उत्पीड़न किया गया था।

पुलिस ने 63 वर्षीय बाबा को 19 जून को तब गिरफ्तार किया था, जब एक 15 वर्षीय अनाथ लड़की ने शिकायत दर्ज कराई थी कि स्वामी ने उसे अपने आश्रम में बंधक बनाकर उसका यौन उत्पीड़न किया।पीड़िता को वेंकोजीपालेम स्थित स्वामी ज्ञानानंद आश्रम में दो साल से अधिक समय तक शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। राजमहेंद्रवरम की लड़की ने कम उम्र में ही अपने माता-पिता को खो दिया था। उसके रिश्तेदारों ने उसे वृद्ध और गरीब बच्चों के लिए बने आश्रम में भेज दिया था। उसने आरोप लगाया कि स्वामी उसे हर रात अपने शयनकक्ष में ले जाता था और उसके साथ दुष्कर्म करता था। पिछले एक साल से पीड़िता को बेडरूम में जंजीरों से बांधकर रखा गया था। पीड़िता 13 जून को नौकर की मदद से आश्रम से भागने में सफल रही।

एक महिला लड़की को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के पास ले गई, जहां उसने बताया कि कैसे स्वामी ने आश्रम में उसका यौन और शारीरिक उत्पीड़न किया। हालांकि, स्वामी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग आश्रम की जमीन हड़पने की कोशिश कर रहे हैं और साजिश के तहत उन पर आरोप लगाए गए हैंउन पर 2012 में आश्रम में एक नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगा था। उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

 

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