नेशनल डेस्कः रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इसकी जानकारी मंगलवार को क्रेमलिन के करीबी सहयोगी यूरी उशाकोव ने दी। यह एक साल के भीतर पुतिन का दूसरा भारत दौरा होगा। इससे पहले, दिसंबर 2025 में वे 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली आए थे।
BRICS देशों के नेता पिछली बार जुलाई 2025 में रियो डी जेनेरियो में आयोजित 17वें BRICS शिखर सम्मेलन में मिले थे। इस सम्मेलन की थीम थी “अधिक समावेशी और टिकाऊ वैश्विक शासन के लिए ग्लोबल साउथ सहयोग को मजबूत करना।” इस महीने की शुरुआत में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने भारत आए थे। इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अहम बातचीत भी हुई।
BRICS एक प्रभावशाली अंतर-सरकारी संगठन है, जिसकी स्थापना ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने की थी। इसका उद्देश्य पश्चिमी देशों के पारंपरिक भू-राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव को संतुलित करना और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है।
दुनिया की बड़ी आबादी और वैश्विक GDP में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखने वाला यह समूह अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में सुधार और सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर जोर देता है।
समय के साथ BRICS में मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे नए सदस्य भी शामिल हुए हैं, जिससे पश्चिम एशिया और अफ्रीका में संगठन का प्रभाव काफी बढ़ा है।