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‘वोट चोरी देशद्रोह है’, राहुल गांधी का बड़ा हमला; BJP और RSS पर निशाना

'Vote theft is treason', Rahul Gandhi's big attack

'Vote theft is treason', Rahul Gandhi's big attack

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “वोट चोरी” भारतीय जनता के खिलाफ एक बड़ा अपराध है और संविधान पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि इसे आयोजित करने वाले भाजपा, आरएसएस और चुनाव आयोग ने देशद्रोह का काम किया है। न्याय जरूर मिलेगा।

यह देशद्रोह, देश के खिलाफ है: राहुल गांधी 

राहुल गांधी ने एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट और वीडियो शेयर करते हुए चुनाव आयोग और उसके अधिकारियों से साफ कहा, “आप जो कर रहे हैं वो गलत है। यह देशद्रोह है, देश के खिलाफ है। समय आएगा, हम आपको पकड़ लेंगे। आपको बख्शा नहीं जाएगा।” यह बयान इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के बाद आया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दो चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा के फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी। चुनाव आयोग के सूत्रों ने हालांकि इस रिपोर्ट को कम करके आंका और कहा कि आयोग के सभी फैसले, जिनमें SIR से जुड़े फैसले भी शामिल हैं, मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से एकमत से लिए गए थे।

कोई “अदृश्य हाथ” आयोग के काम को प्रभावित कर रहा

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के बाहर कोई “अदृश्य हाथ” आयोग के काम को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर दोनों चुनाव आयुक्त बार-बार आपत्ति कर रहे थे और फिर भी प्रक्रिया जारी रही, तो इसका मतलब है कि फैसले मनमाने और गैर-कानूनी हैं। तिवारी ने कहा कि यह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने (इम्पीचमेंट) का आधार बन सकता है।

तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और अदालत की निगरानी में जांच की मांग की। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि अगर रिपोर्ट सही है तो इससे चुनाव आयोग के फैसलों और फैसला लेने की प्रक्रिया दोनों पर सवाल उठते हैं। उन्होंने हाल के वर्षों के फैसलों की संसदीय समिति से समीक्षा कराने और SIR प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की।

इन नेताओं ने भी जताई चिंता 

इससे पहले कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, राजद सांसद मनोज झा, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस सांसद डेरेक ओ’ब्रायन, कपिल सिब्बल, संजय राउत, डीएमके प्रवक्ता टी.के.एस. एलंगोवन, आप नेता सौरभ भारद्वाज और सीपीआई(एम) सांसद जॉन ब्रिटास समेत कई विपक्षी नेताओं ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई थी।

मतदाता सूची की समीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी हो रही

विपक्षी पार्टियों ने पहले भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए प्रस्ताव दिए थे। अप्रैल 2026 में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बताया था कि 73 विपक्षी राज्यसभा सांसदों ने “साबित गलत व्यवहार” के आधार पर नया नोटिस दिया था। लोकसभा और राज्यसभा दोनों में ऐसे प्रस्ताव पहले अस्वीकार किए जा चुके हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची की समीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी हो रही है और चुनाव आयोग स्वतंत्र तरीके से काम नहीं कर रहा। चुनाव आयोग इन आरोपों से इनकार करता है।

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