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वोटर लिस्ट ड्राफ्ट पर राजनीतिक पार्टियों की खामोशी, पिछले 9 दिनों में…

Voter list draft

Voter list draft

Voter list draft : बिहार विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच जारी की गई वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट पर राजनीतिक पार्टियों की खामोशी ने सभी को हैरान कर दिया है। चुनाव आयोग के अनुसार, 1 अगस्त को जारी हुए वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट पर पिछले 9 दिनों में किसी भी राजनीतिक पार्टी ने किसी नाम को जोड़ने या हटाने के लिए कोई आपत्ति नहीं दर्ज कराई है, जो चुनावी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

चुनाव आयोग का कहना है कि यह ड्राफ्ट 1 सितंबर तक दावों और आपत्तियों के लिए उपलब्ध रहेगा। इस दौरान मतदाता, राजनीतिक पार्टियां या अन्य व्यक्ति योग्य नागरिकों के नाम जोड़ने या अयोग्य नाम हटाने के लिए आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके बावजूद, बिहार की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जो चुनावी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

उधर, आयोग का दावा है कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी योग्य नागरिक को छोड़ने का सवाल नहीं उठता। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि “हमने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत यह ड्राफ्ट तैयार किया है और इस प्रक्रिया में किसी भी योग्य नागरिक का नाम नहीं हटाया जाएगा।”

इसके बावजूद, विपक्षी दलों ने इस ड्राफ्ट के खिलाफ आशंका जताई है। विपक्ष का कहना है कि इस प्रक्रिया के तहत कई योग्य नागरिक, जिनके पास दस्तावेज़ों की कमी हो सकती है, वे अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं। हाल ही में संसद में भी इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने हंगामा किया था और आरोप लगाया था कि सरकार चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।

आयोग ने सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों से अपील की है कि वे ड्राफ्ट में किसी भी गलती या गड़बड़ी को सुधारने के लिए अपनी आपत्तियां दर्ज कराएं। यह प्रक्रिया 1 सितंबर तक जारी रहेगी और इसके बाद अंतिम वोटर लिस्ट 30 सितंबर को जारी की जाएगी।

आगे क्या कदम उठाते हैं राजनीतिक दल?
राज्य में चुनावी सरगर्मियों के बीच, वोटर लिस्ट पर हो रही बहस के बावजूद चुनाव आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि हर योग्य मतदाता को अपना वोट डालने का पूरा अधिकार मिलेगा। अब यह देखना होगा कि विपक्ष और अन्य राजनीतिक दल इस मुद्दे पर आगे क्या कदम उठाते हैं और क्या यह मुद्दा बिहार चुनावों में कोई बड़ा मोड़ ला सकता है।

चुनाव आयोग का संदेश
चुनाव आयोग ने कहा है कि “हमारा लक्ष्य यह है कि हर नागरिक को उसका मताधिकार मिले और इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो। सभी पक्षों से इस प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष रखने में सहयोग की उम्मीद है।”

 

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