
मधुबनी: बिहार में विपक्षी महागठबंधन के दो प्रमुख घटक दलों राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस ने इस साल अक्तूबर-नवंबर में संभावित राज्य विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए मंगलवार को कहा कि ‘वोटर अधिकार यात्रा’ एक सितंबर को अपने समापन के साथ एक पड़ाव पर पहुंचेगी, लेकिन मंजिल नवंबर में हासिल होगी। उन्होंने यह आरोप फिर लगाया कि बिहार में ‘वोट चोरी’ के माध्यम से लोगों के अधिकारों की चोरी की जा रही है। ‘वोटर अधिकार यात्रा’ अपने 10वें दिन सुपौल से शुरू होकर दोपहर में मधुबनी पहुंची। यात्रा का समापन एक सितंबर को पटना में एक जनसभा में जरिए होगा।
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि बिहार में बड़े पैमाने पर वोट चोरी हो रही है। उन्होंने कहा कि नया नारा गूंज रहा है—‘वोट चोर, गद्दी छोड़।’ सुरजेवाला ने दावा किया कि निर्वाचन आयोग और सत्तारूढ़ दल की मिलीभगत से 65 लाख वोट काटे गए, जिनमें पटना, मधुबनी और पूर्वी चंपारण के 10.63 लाख वोट शामिल हैं। उन्होंने इसे ‘हक चोरी’ करार देते हुए पूछा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पहले से कैसे पता था कि 20 प्रतिशत वोट काटे जाएंगे।
राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि यह यात्रा ‘मत डकैती’ के खिलाफ आगाज है और आजादी के बाद पहली बार निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर इतने सवाल उठे हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद लोगों को दस्तावेजों के कारण दिक्कतें हो रही हैं। सुरजेवाला ने कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि बिहार में 70 हजार करोड़ रुपए के गबन की आशंका है, जबकि सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण से साबित हुआ कि प्रतिभाशाली राज्य बिहार आज भी सबसे गरीब है।
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