जम्मू: जम्मू-कश्मीर की कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट के अपहरण, हत्या और उसके बाद उनके परिवार के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार का मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस घटना को 35 साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन परिवार का कहना है कि उन्हें आज तक न्याय नहीं मिला। हाल ही में जम्मू-कश्मीर स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने इस मामले में 737 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।
सरला भट के भाई ने सुनाई दर्दनाक दास्तान
इसके बाद सरला भट के चचेरे भाई पीके भट ने उस समय की घटनाओं को याद करते हुए कहा कि अलग-अलग सरकारें दोषियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई करने में विफल रहीं। पीके भट के अनुसार, जब कश्मीर में आतंकवाद अपने चरम पर था, उसी दौरान सरला भट का अपहरण किया गया। उनका आरोप है कि अपहरण के बाद उनके साथ दुष्कर्म किया गया और फिर उनकी हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि सरला की मौत के बाद भी परिवार को चैन से अंतिम संस्कार तक नहीं करने दिया गया।
राख और हड्डियों को पैरों से कुचला
पीके भट ने बताया कि जब परिवार अस्थियां लेने श्मशान पहुंचा, तब बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें घेर लिया। उनका आरोप है कि उन्हें राख और अस्थियां उठाने से रोका गया। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों ने राख और हड्डियों को पैरों से कुचला और इधर-उधर फेंक दिया। परिवार के लोगों के साथ गाली-गलौज की गई और उन्हें कश्मीर छोड़ने की धमकी दी गई।
उन्होंने बताया कि काफी विनती करने के बाद परिवार किसी तरह थोड़ी-सी राख ही इकट्ठा कर सका। अगले ही दिन सुबह उनके घर के पास विस्फोट हुआ। डर के माहौल में पड़ोसी भी खुलकर मदद नहीं कर पा रहे थे। कुछ लोगों ने पीछे के रास्ते से आकर चोरी-छिपे खाने-पीने का सामान दिया। इसके बाद परिवार ने अपनी जान बचाने के लिए कश्मीर छोड़ दिया।
आरोपियों को अब तक सजा न मिलना बेहद दुखद
पीके भट ने कहा कि उस समय घाटी में हालात बेहद खराब थे। उनका कहना है कि 2019 के बाद सुरक्षा व्यवस्था में सुधार हुआ है और पहले की तुलना में हिंसा की घटनाएं कम हुई हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सरला भट हत्याकांड के आरोपियों को अब तक सजा नहीं मिलना बेहद दुखद है। इस दौरान पीके भट ने जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक को लेकर भी कड़ी टिप्पणी की और उनके लिए सख्त सजा की मांग की।
सरला भट का मामला आज भी कश्मीरी पंडित समुदाय के लिए एक गहरे दर्द और न्याय की लंबी प्रतीक्षा का प्रतीक माना जाता है। परिवार का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और वर्षों से लंबित इस मामले में आखिरकार न्याय मिलेगा।
बताते चलें कि, कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट के अपहरण, हत्या की साजिश रचने में जेकेएलएफ के तत्कालीन मुख्य कमांडर मोहम्मद यासीन मलिक के साथ साथ-साथ खुर्शीद अहमद चाल्कू, अब्दुल हामिद शेख, मोहम्मद यूसुफ सूफी उर्फ इदरीस और गुलाम मोहम्मद टपलू भी शामिल थे। इनमें शामिल अब्दुल हामिद शेख, मोहम्मद यूसुफ सूफी उर्फ इदरीस और गुलाम मोहम्मद टपलू की मौत हो चुकी है।

