Weather Update: देश के मौसम में अगले कुछ दिनों के दौरान बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और जल्द ही केरल सहित दक्षिण भारत के कई हिस्सों में दस्तक दे सकता है। वहीं उत्तर भारत, पूर्वोत्तर, मध्य और पश्चिमी राज्यों में भी बारिश, तेज हवाएं, गरज-चमक और ओलावृष्टि की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
केरल पहुंचने की तैयारी में मानसून
IMD के मुताबिक अगले 24 घंटों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु के कुछ क्षेत्रों में प्रवेश कर सकता है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में भी मौसम की परिस्थितियां मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल बनी हुई हैं।
हिमाचल और उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट
हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में खराब मौसम को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिलों में तेज बारिश, ओलावृष्टि, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। कई स्थानों पर हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। उत्तराखंड में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून और टिहरी जिलों में भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि और तेज हवाएं चल सकती हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना व्यक्त की गई है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी संभावना बनी हुई है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का खतरा
पूर्वोत्तर भारत में अगले एक सप्ताह तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर भारी वर्षा होने का अनुमान है। विशेष रूप से असम और मेघालय में 8 और 9 जून को बहुत भारी बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश में भी लगातार कई दिनों तक तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मध्य और पश्चिम भारत में भी बदलेगा मौसम
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की उम्मीद है। महाराष्ट्र, कोंकण-गोवा, मराठवाड़ा, गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ के कई हिस्सों में भी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।
अरुणाचल प्रदेश में भूस्खलन से यातायात प्रभावित
लगातार बारिश के कारण अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। अकाजन-लिकाबाली-बामे मार्ग पर मलबा और पत्थर गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। यह सड़क कई महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ती है। प्रशासन ने तुरंत मशीनें और राहत दल भेजकर सड़क से मलबा हटाया और कुछ घंटों के भीतर यातायात बहाल कर दिया। हालांकि अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है क्योंकि बारिश के कारण दोबारा भूस्खलन हो सकता है।
राजस्थान में गर्मी बरकरार
राजस्थान में अभी भी गर्मी और उमस का असर बना हुआ है। जैसलमेर राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी चलने की भी संभावना जताई गई है।
पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में बारिश के संकेत
पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में फिलहाल गर्मी का असर बना हुआ है। हरियाणा के रोहतक और पंजाब के फरीदकोट में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, 4 से 6 जून के बीच इन राज्यों में मौसम बदल सकता है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी हल्की बारिश, धूल भरी आंधी और तेज हवाओं का अनुमान है। इससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम की गतिविधियां बनी रहेंगी। कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं के कारण लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। वहीं मानसून की प्रगति पर भी मौसम विशेषज्ञ लगातार नजर बनाए हुए हैं।

