Last Updated: October 3, 2026

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Assembly Election 2026: तमिलनाडु, असम, केरल में एक और बंगाल में दो चरण में वोटिंग… 4 मई को नतीजे

March 15, 2026

Assembly Election 2026: तमिलनाडु, असम, केरल में एक और बंगाल में दो चरण में वोटिंग… 4 मई को नतीजे

नेशनल डेस्कः भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने 15 मार्च (रविवार) को शाम 4:00 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान कार्यक्रम की घोषणा की।

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मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के साथ ही में इस महीने की शुरुआत में इन चुनावी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश का दौरा किया, जिसमें चुनाव की तैयारियों का आकलन करने के लिए 10 मार्च को पश्चिम बंगाल का दौरा भी शामिल है। वोटर लिस्ट में खास गहन संशोधन का काम पूरा हो गया है, और सभी क्षेत्रों में अपडेटेड और सटीक वोटर डेटा सुनिश्चित करने के लिए अब अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई है।

विधानसभा चुनावों का शेड्यूल

असम– पोलिंग की तारीख- 9 अप्रैल; काउंटिंग की तारीख 4 मई

तमिलनाडु– पोलिंग की तारीख- 23 अप्रैल; काउंटिंग की तारीख- 4 मई

पश्चिम बंगाल– पोलिंग की तारीख- 23 अप्रैल (पहला फेज़), 29 अप्रैल (दूसरा फेज़); काउंटिंग की तारीख- 4 मई

केरलम– पोलिंग की तारीख- 9 अप्रैल; काउंटिंग की तारीख- 4 मई

पुडुचेरी– पोलिंग की तारीख- 9 अप्रैल; काउंटिंग की तारीख- 4 मई

सिंगल-फेज चुनाव

असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को एक ही फेज में विधानसभा चुनाव होंगे, और सभी इलाकों में वोटों की गिनती 4 मई को होगी।

बाद में सिंगल-फेज और दो-फेज चुनाव

तमिलनाडु 23 अप्रैल को एक फेज में वोटिंग के लिए तैयार है, जबकि पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो फेज में वोटिंग होनी है, जिसके बाद 4 मई को सभी के लिए गिनती होगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि आयोग ने पिछले कुछ दिनों में सभी चुनावी राज्यों का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा की है और राजनीतिक दलों, अधिकारियों तथा मतदाताओं से बातचीत की है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनाव आयोग की टीम ने इन राज्यों में जाकर विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान सभी राजनीतिक दलों से मुलाकात कर उनके सुझाव भी लिए गए। साथ ही प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, राज्य निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस महानिदेशकों से भी विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि आयोग ने युवाओं और पहली बार मतदान करने जा रहे मतदाताओं से भी संवाद किया। इसके अलावा चुनाव प्रक्रिया को सुचारू बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) के काम की भी सराहना की गई।

सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि ये पांचों राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भौगोलिक और सांस्कृतिक रूप से एक-दूसरे से काफी अलग हैं। ऐसे में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराया गया, ताकि कोई भी योग्य मतदाता वोट देने से वंचित न रह जाए और कोई अयोग्य व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो सके। उन्होंने कहा, “स्वच्छ मतदाता सूची लोकतंत्र की आत्मा होती है। इसलिए हमने यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया कि सभी पात्र मतदाताओं का नाम सूची में शामिल हो।”

सीईसी ने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे अपने मताधिकार का गर्व और जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा, “मैं युवाओं से कहना चाहता हूं कि अब आप एक बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने जा रहे हैं, मतदान का अधिकार। अपने वोट का इस्तेमाल गर्व और जिम्मेदारी के साथ करें। आपका वोट आपकी आवाज है। चुनाव का पर्व हम सबका गर्व है।” चुनाव आयोग के अनुसार इन पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में कुल 17.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। यह संख्या ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, दक्षिण अफ्रीका, जर्मनी और कनाडा जैसे कई देशों की कुल आबादी के बराबर है।

सीईसी ने बताया कि इन चुनावों के लिए 824 विधानसभा सीटों पर मतदान कराया जाएगा। चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए 2.19 लाख मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इसके अलावा पूरे चुनाव को निष्पक्ष और सुचारु तरीके से कराने के लिए करीब 25 लाख चुनाव अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी आयोग ने व्यापक तैयारी की है। मुख्य चुनाव आयुक्त के मुताबिक चुनाव के दौरान करीब 8.50 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे, ताकि मतदान शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में हो सके। राज्यों के हिसाब से मतदाताओं की संख्या भी साझा की गई। आयोग के अनुसार पश्चिम बंगाल में कुल 6.44 करोड़ मतदाता हैं, जबकि असम में करीब 2.5 करोड़ मतदाता मतदान करेंगे।

सीईसी ने बताया कि चुनाव के दौरान कुछ विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। कई स्थानों पर पिंक बूथ बनाए जाएंगे, जहां पूरी व्यवस्था महिला कर्मियों द्वारा संभाली जाएगी। इसके अलावा, आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदान के बाद तुरंत मतदान प्रतिशत की जानकारी जारी की जाएगी। मतदान केंद्रों के अंदर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी, और मतदाताओं को उन्हें फोन बूथ के बाहर रखना होगा।

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