नेशनल डेस्क। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल में कई जगहों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित अवैध कोयला खनन (माइनिंग) और उसके गैरकानूनी परिवहन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई है। ईडी इस पूरे मामले की जांच प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कर रही है।
किन-किन जगहों पर छापेमारी
अधिकारियों के मुताबिक, ईडी की टीमों ने लगभग 10 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। इन छापों का संबंध उन लोगों से बताया जा रहा है जिन पर अवैध कोयला कारोबार से जुड़े पैसों के लेन-देन में शामिल होने का शक है। इस कार्रवाई में एक राज्य पुलिस अधिकारी मनोरंजन मंडल का नाम भी सामने आया है। उनके ठिकानों पर भी ईडी की टीम ने तलाशी ली।
किन लोगों के ठिकानों पर पहुंची ईडी
ताजा छापेमारी के दौरान ईडी ने जिन लोगों के ठिकानों पर कार्रवाई की, उनमें ये नाम शामिल बताए जा रहे हैं। किरण खान, शेख अख्तर, प्रबीर दत्ता, मिर्जा एच. बेग और कुछ अन्य संदिग्ध व्यक्ति शामिल हैं। इन सभी से अवैध कोयला खनन से जुड़े पैसों की हेराफेरी के बारे में पूछताछ की जा सकती है।
पहले वाले कोयला घोटाले से अलग मामला
अधिकारियों ने साफ किया है कि यह जांच उस दूसरे कथित कोयला घोटाले से अलग है, जिसकी जांच एक अन्य केंद्रीय एजेंसी कर रही है। यानी पश्चिम बंगाल में कोयले से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में अलग-अलग एजेंसियां जांच कर रही हैं।
I-PAC पर भी हुई थी कार्रवाई
इससे पहले, पिछले महीने एक केंद्रीय जांच एजेंसी ने कोलकाता में पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के दफ्तरों पर भी छापेमारी की थी। हालांकि, मौजूदा ईडी की कार्रवाई उस मामले से अलग बताई जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
ईडी को शक है कि अवैध तरीके से निकाले गए कोयले की बिक्री और ढुलाई के जरिए बड़ी रकम इकट्ठी की गई और बाद में इस पैसे को सफेद (लीगल) दिखाने की कोशिश की गई। इसी को मनी लॉन्ड्रिंग कहा जाता है। अब ईडी छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों, डिजिटल डाटा और अन्य सबूतों की जांच करेगी, जिससे यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध कारोबार में कौन-कौन शामिल था और कितना पैसा इधर-उधर किया गया।
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