
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में वक्फ कानून के खिलाफ शुक्रवार को प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान वाहनों में आग लगा दी और सड़क एवं रेल यातायात को बाधित कर दिया। भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मुíशदाबाद जिले के सुती में प्रदर्शन हिंसक हो गया, जब निषेधाज्ञ के बावजूद प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और सड़कों को अवरुद्ध कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षार्किमयों पर पथराव किया, जुलूस के दौरान पुलिस वैन और सार्वजनिक बसों को आग लगा दी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, समस्या तब शुरू हुई जब जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग एकत्र हुए और वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने शमशेरगंज में डाकबंगला मोड़ से सुतिर सजुर मोड़ तक राष्ट्रीय राजमार्ग-12 के एक हिस्से को अवरुद्ध कर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रदर्शन तब हिंसक हो गया, जब प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिस वैन पर पथराव किया। इसके परिणामस्वरूप पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें लगभग 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए।’’ अधिकारी ने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिसर्किमयों पर बम जैसे पदार्थ फेंके जिसके बाद पुलिस ने ‘‘अनियंत्रित भीड़’’ को नियंत्रण में लाने के लिए लाठीचार्ज किया और बाद में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि हिंसक के बीच कुछ पुलिसर्किमयों को पास की एक मस्जिद में शरण लेनी पड़ी। वहीं, जिला प्रशासन ने सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।
अधिकारियों के अनुसार मालदा में प्रदर्शनकारियों ने रेल पटरियों पर धरना दिया जिससे ट्रेन की आवाजाही प्रभावित हुयी। उन्होंने बताया कि पूर्वी रेलवे के फरक्का-आज़मिगंज खंड पर भी ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं। इस बीच, राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने राज्य सरकार को संवेदनशील क्षेत्रों में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करने को कहा है।
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