नेशनल डेस्कः पश्चिम बंगाल CID ने शुक्रवार की सुबह कालियाचक, मालदा हिंसा मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मामले के मास्टरमाइंड वकील मोफक्करुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया है। ये गिरफ्तारी बागडोगरा हवाई अड्डे पर तब की गई, जब वे फरार होने की कोशिश कर रहे थे। दरअसल मालदा के कालियाचक में वोटर लिस्ट से नाम कटने के बाद सैकड़ों की संख्या में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान 7 न्यायिक अधिकारियों को बंधक बना लिया गया था और इसको लेकर बवाल शुरू हो गया। जहां कालियाचक इलाके में कुछ लोगों ने हंगामा किया और 7 न्यायिक अधिकारियों (जजों) को करीब 8 घंटे तक बंधक बना लिया था।
सुप्रीम कोर्ट का दखल
इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इसे बहुत गंभीर माना। चीफ जस्टिस ने कहा कि यह घटना किसी सोची-समझी साजिश जैसी लगती है और राज्य में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़े तो इस मामले की जांच CBI या NIA से कराई जा सकती है।
मालदा, पश्चिम बंगाल | ADG नॉर्थ बंगाल के जयरामन ने कहा, “हमने लोगों को भड़काने के आरोप में मोफक्करुल इस्लाम को बागडोगरा एयरपोर्ट से हिरासत में लिया है। हम इस तरह की किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं है। हम निश्चित रूप से इसकी जांच करेंगे कि यह पहले से प्लान किया गया था या नहीं। इस… pic.twitter.com/ole2EaQH6M
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 3, 2026
चुनाव आयोग ने दिया NIA जांच का आदेश
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद चुनाव आयोग ने तुरंत कार्रवाई की और मामले की जांच NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को सौंप दी। आदेश मिलते ही NIA की टीम ने जांच शुरू कर दी और मामले की गहराई से पड़ताल की जा रही है।
अब तक 35 लोगों की गिरफ्तार
इस मामले में अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें मुख्य साजिशकर्ता मोफक्करुल इस्लाम व ISF उम्मीदवार शाहजहां अली भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये लोग भीड़ को भड़काने और हिंसा फैलाने में शामिल थे।
मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी कैसे हुई?
नॉर्थ बंगाल के ADG जयरामन के अनुसार मोफक्करुल इस्लाम को बागडोगरा एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। वह वहां से भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस अब जांच कर रही है कि यह घटना पहले से प्लान की गई थी या नहीं। घटना के बाद न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के लिए CAPF (केंद्रीय बल) भी तैनात किया गया।
आरोपी का क्या कहना है?
गिरफ्तारी के बाद मोफक्करुल इस्लाम ने कहा वह आंदोलन करने नहीं गया था। वह सिर्फ उन लोगों की मदद करने गया था जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए थे। वह कोलकाता से अलीपुरद्वार जा रहा था। रास्ते में उसने सिर्फ भाषण दिया। उसने यह भी कहा कि उसकी वजह से किसी जज को रोका नहीं गया।
घटना कैसे हुई?
यह घटना बुधवार को मालदा के कालियाचक में हुई। भीड़ ने जजों को रोक लिया और उन्हें घंटों तक जाने नहीं दिया। स्थिति इतनी खराब हो गई कि सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा।इसके बाद कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने बंगाल के DGP से बात की। पुलिस मौके पर पहुंची और जजों को सुरक्षित छुड़ाया गया।
मामले को लेकर ममता बनर्जी ने कही थी ये बात
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मामले पर कहा यह बंगाल को बदनाम करने की साजिश है।
आगे क्या होगा?
अब इस मामले की जांच NIA कर रही है। जांच में यह पता लगाया जाएगा। क्या यह घटना पहले से प्लान थी। इसमें कौन-कौन शामिल था और इसके पीछे की असली साजिश क्या है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...