नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री मोदी अपने 5 देशों की 8 दिवसीय यात्रा पर हैं। वे आज यानी शनिवार को 2 देशों की यात्रा पूरी करने के बाद तीसरे देश अर्जेंटीना पहुंच चुके हैं। जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। वहीं इस साल ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन ब्राजील के रियो डी जनेरियो में 6 से 7 जुलाई को होने जा रहा है। जिसमें पीएम मोदी भी शामिल होंगे। इसी बीच आज हम यह जानते है कि ब्रिक्स समिट क्या है ? आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

क्या है BRICS समिट ?
BRICS एक अंतरराष्ट्रीय समूह है जिसमें शुरुआत में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और बाद में दक्षिण अफ्रीका शामिल हुए। यह संगठन आर्थिक सहयोग, विकास, और वैश्विक संतुलन को ध्यान में रखते हुए उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से बनाया गया था। BRICS एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसमें दुनिया की पाँच (अब ग्यारह) प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं। इसका नाम पांच मूल सदस्य देशों के नाम के पहले अक्षर से बना है। इसकी स्थापना 2009 में हुई थी। 2010 में दक्षिण अफ्रीका जुड़ा और संगठन का नाम BRICS हो गया। समय के साथ इसमें और देश भी शामिल हुए, और 2025 तक इसके कुल 11 सदस्य देश हो चुके हैं।
-B – Brazil (ब्राजील)
-R – Russia (रूस)
-I – India (भारत)
-C – China (चीन)
-S – South Africa (दक्षिण अफ्रीका)
BRICS का उद्देश्य क्या है?
BRICS का मुख्य उद्देश्य है।
-वैश्विक आर्थिक सहयोग बढ़ाना
-विकासशील देशों की आवाज़ को मज़बूत करना
-पश्चिमी देशों की एकाधिकार नीति को संतुलित करना
-व्यापार, निवेश, तकनीक और ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग
-बहुपक्षीय संगठनों (जैसे UN, IMF, WTO) में सुधार की मांग करना
भारत के लिए BRICS का क्या महत्व है ?
1. वैश्विक मंच पर मज़बूत उपस्थिति
BRICS भारत को एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय मंच देता है जहाँ वह विश्व के बड़े और उभरते देशों के साथ मिलकर नीतियों पर प्रभाव डाल सकता है। यह पश्चिमी देशों के मुकाबले संतुलन बनाने का एक साधन भी है।
2. आर्थिक और व्यापारिक सहयोग
BRICS देशों के बीच सीधा व्यापार, निवेश और बैंकों के माध्यम से आर्थिक सहयोग से भारत को नए बाज़ार और विकास के अवसर मिलते हैं। BRICS ने अपना खुद का बैंक – New Development Bank (NDB) भी बनाया है, जिससे भारत को आर्थिक सहायता मिल सकती है।
3. ऊर्जा और तकनीक क्षेत्र में लाभ
भारत को ऊर्जा सुरक्षा, टेक्नोलॉजी शेयरिंग और नवाचार के लिए BRICS देशों के साथ मिलकर काम करने का अवसर मिलता है। इससे सस्ती और स्थायी ऊर्जा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और साइबर सुरक्षा में सहयोग होता है।
4. सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग
BRICS मंच पर भारत आतंकवाद के मुद्दे को मजबूती से उठाता है। इसके जरिए भारत वैश्विक समर्थन जुटाकर अपने सुरक्षा हितों की रक्षा कर सकता है।
5. सांस्कृतिक और सामाजिक सहयोग
BRICS केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कृति, स्वास्थ्य और खेलों जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग करता है। इससे भारत के युवाओं और नागरिकों को वैश्विक अवसर मिलते हैं।
आज के BRICS में कौन-कौन से देश हैं?
2025 तक BRICS के 11 सदस्य हैं, जो इस प्रकार से हैं…
1.ब्राजील
2.रूस
3.भारत
4.चीन
5.दक्षिण अफ्रीका
6.सऊदी अरब
7.मिस्र
8.संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
9.इथियोपिया
10.ईरान
11.इंडोनेशिया
भारत के लिए एक सुनहरा अवसर
BRICS भारत को एक ऐसा मंच देता है जहाँ वह आर्थिक, राजनीतिक और रणनीतिक स्तर पर अपनी भूमिका को मजबूत कर सकता है। यह संगठन भारत को पश्चिमी देशों पर निर्भर हुए बिना, विकासशील देशों के साथ मिलकर वैश्विक नेतृत्व की ओर कदम बढ़ाने का अवसर देता है।