WhatsApp इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। Meta अपने लोकप्रिय इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप को अब पूरी तरह फ्री रखने के मूड में नहीं दिख रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी WhatsApp के लिए पेड सब्सक्रिप्शन सर्विस लाने की तैयारी कर रही है, जिसकी झलक हाल ही में एक बीटा अपडेट में देखने को मिली है।
क्या अब WhatsApp फ्री नहीं रहेगा?
एक रिपोर्ट के अनुसार, Meta फेसबुक और इंस्टाग्राम की तर्ज पर WhatsApp में भी सब्सक्रिप्शन फीचर लाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। नए बीटा वर्जन में संकेत मिले हैं कि यूजर्स को स्टेटस बिना विज्ञापन देखने के लिए सब्सक्रिप्शन लेना पड़ सकता है। यानी अगर आप पैसे नहीं देते हैं, तो स्टेटस देखने से पहले विज्ञापन दिखाए जा सकते हैं।
बताया जा रहा है कि यह सिस्टम कुछ हद तक YouTube मॉडल जैसा हो सकता है, जहां ऐड-फ्री एक्सपीरियंस के लिए यूजर्स को भुगतान करना होता है। फिलहाल यह फीचर केवल ट्रायल स्टेज में है और आम यूजर्स के लिए अभी लागू नहीं किया गया है।
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WhatsApp का पुराना चार्जिंग इतिहास
दिलचस्प बात यह है कि WhatsApp पहले भी पूरी तरह फ्री नहीं था। साल 2009 में लॉन्च के समय यह पहले साल मुफ्त और उसके बाद करीब 55 रुपये सालाना शुल्क के साथ आता था। हालांकि, बाद में इसे पूरी तरह फ्री कर दिया गया, जिससे इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी।
Meta क्यों ला रहा है पेड मॉडल?
Meta लंबे समय से WhatsApp से कमाई के रास्ते तलाश रहा है। भारत में WhatsApp के करीब 80 करोड़ यूजर्स हैं, जबकि दुनियाभर में यह संख्या लगभग 2.8 अरब तक पहुंच चुकी है। ऐसे में पेड सब्सक्रिप्शन और विज्ञापन के जरिए कंपनी को बड़ा रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है।
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पिछले साल से ही WhatsApp के स्टेटस और चैनल्स में विज्ञापन दिखाने पर काम चल रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए बीटा वर्जन (2.26.3.9) में ऐड-फ्री सब्सक्रिप्शन मॉडल से जुड़े कोड्स पाए गए हैं।
अभी आधिकारिक ऐलान नहीं
हालांकि, Meta की ओर से अब तक इस पेड सब्सक्रिप्शन फीचर को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। यह भी साफ नहीं है कि यह सुविधा कब, किन देशों में और किस कीमत पर लॉन्च होगी। लेकिन इतना तय है कि अगर यह फीचर लागू होता है, तो WhatsApp का अब तक का “फ्री” अनुभव बदल सकता है और यही बात यूजर्स की चिंता बढ़ा रही है।

