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महात्मा गांधी और नाथूराम गोडसे के बीच प्रधानमंत्री कहां हैं खड़े : Jairam Ramesh

नई दिल्ली :  कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महाराष्ट्र में वर्धा के दौरे से पहले शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि वह महात्मा गांधी और उनके हत्यारे नाथूराम गोडसे के बीच कहां खड़े हैं। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओं की टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए यह सवाल किया। प्रधानमंत्री मोदी आज महाराष्ट्र के वर्धा जाएंगे जहां वह पीएम विश्वकर्मा कार्यक्रम में भाग लेंगे।
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री आज वर्धा जा रहे हैं। इन तीन सवालों के जवाब उन्हें अवश्य देने चाहिए। किसानों की आत्महत्या रोकने के लिए प्रधानमंत्री क्या कर रहे हैं? वन अधिकार कानून को लागू करने के मामले में भाजपा ने आदिवासियों को निराश क्यों किया है? गांधी और गोडसे के बीच प्रधानमंत्री कहां खड़े हैं? उन्होंने कहा, कि वर्धा वह शहर है जहां कभी महात्मा गांधी रहते थे। प्रधानमंत्री की पार्टी आज महात्मा के आदशरें पर खतरनाक ढंग से हमला कर रही है। उनके कुछ नेताओं ने महात्मा के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया और उनका मज़ाक उड़ाया है।
रमेश ने दावा किया कि भाजपा के कई नेताओं ने कहा कि वे गोडसे और गांधी के बीच चयन करने में असमर्थ हैं।कांग्रेस नेता ने सवाल किया, कि ‘नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री के पास अपनी पार्टी के कार्यों के बचाव में कोई तर्क है? गांधी और गोडसे के बीच प्रधानमंत्री कहां खड़े हैं?’’ उन्होंने दावा किया, कि महाराष्ट्र में एक दिन में औसतन सात किसान अपना जीवन समाप्त कर लेते हैं। दिल दहला देने वाला यह आंकड़ा किसी और की तरफ़ से नहीं बल्कि राज्य के राहत और पुनर्वास मंत्री की ओर से आया है।
रमेश के अनुसार, ‘‘पिछले साल 60 प्रतिशत जिलाें को सूखे की स्थिति का सामना करना पड़ा लेकिन सरकार से कोई मदद नहीं मिली।’’ कांग्रेस महासचिव ने सवाल किया कि महाराष्ट्र और भारत के किसानों का समर्थन करने के लिए भाजपा के पास क्या दृष्टिकोण है?
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