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Hantavirus को लेकर WHO अलर्ट, जानें इंसान के शरीर में कैसे फैलता है… वैज्ञानिक कर रहे हैं गहराई से जांच

WHO Alret

Hantavirus News: दुनिया भर में हंता वायरस (Hantavirus) को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने इस वायरस को लेकर एक बड़ा अपडेट जारी किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि एंडीज हंता वायरस (Andes Hantavirus) इंसान के शरीर में कितने समय तक सक्रिय रहता है और कितने समय तक दूसरों में फैल सकता है, इस बारे में अभी पूरी जानकारी नहीं मिल पाई है। इसी वजह से WHO इस वायरस पर खास नजर बनाए हुए है।

क्या है एंडीज हंता वायरस?
एंडीज हंता वायरस हंता वायरस का एक खतरनाक प्रकार माना जाता है। आमतौर पर हंता वायरस संक्रमित चूहों के संपर्क में आने से फैलता है। चूहों की लार, पेशाब या मल के छोटे-छोटे कण हवा में मिलकर इंसानों को संक्रमित कर सकते हैं। लेकिन वैज्ञानिकों के अनुसार एंडीज हंता वायरस दूसरे हंता वायरस से ज्यादा खतरनाक है क्योंकि यह इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। यही वजह है कि स्वास्थ्य एजेंसियां इसे लेकर ज्यादा सतर्क हो गई हैं।

इंसानों के शरीर के तरल पदार्थों से भी फैल सकता है वायरस
विशेषज्ञों का कहना है कि यह वायरस केवल चूहों के जरिए ही नहीं फैलता, बल्कि संक्रमित इंसान के शरीर के तरल पदार्थों से भी फैल सकता है। इसमें शामिल हैं:

-लार

-खून

-मां का दूध

-स्पर्म

वैज्ञानिकों को डर है कि यह वायरस बहुत नजदीकी संपर्क, देखभाल के दौरान संपर्क और यौन संबंधों के जरिए भी फैल सकता है। इसलिए WHO लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है।

 

WHO ने शुरू की खास रिसर्च
WHO और कई वैज्ञानिक संस्थानों ने एंडीज हंता वायरस पर विशेष अध्ययन शुरू किया है। इस रिसर्च का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि वायरस शरीर में कितने समय तक रहता है। संक्रमित व्यक्ति कितने समय तक दूसरों को संक्रमित कर सकता है।

संक्रमण किन-किन तरीकों से फैलता है
इसके लिए क्वारंटाइन में रखे गए लोगों के लगातार सैंपल लिए जा रहे हैं। वैज्ञानिक खून, लार और अन्य जैविक नमूनों की जांच कर रहे हैं ताकि वायरस के व्यवहार को बेहतर तरीके से समझा जा सके।

 

क्रूज जहाज पर फैले संक्रमण से बढ़ी चिंता
हाल ही में MV Hondius नाम के एक क्रूज जहाज पर हंता वायरस संक्रमण के कई मामले सामने आए। रिपोर्ट के अनुसार 11 लोग संक्रमित हुए। जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद दुनियाभर की स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। कई देशों ने क्रूज यात्रियों की निगरानी बढ़ा दी है और संक्रमित लोगों के संपर्क में आए यात्रियों की जांच की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह वायरस लंबे समय तक शरीर में सक्रिय रहता है, तो ठीक हो चुके लोग भी दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं। यही कारण है कि WHO इस मामले को गंभीरता से ले रहा है।

 

हंता वायरस के लक्षण क्या हो सकते हैं?
हंता वायरस से संक्रमित व्यक्ति में शुरुआत में सामान्य फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जैसे:

-तेज बुखार

-सिरदर्द

-शरीर और मांसपेशियों में दर्द

-कमजोरी

-उल्टी या मतली

गंभीर स्थिति में यह वायरस फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। कई मामलों में यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।

 

अभी तक नहीं है कोई खास दवा या वैक्सीन
फिलहाल हंता वायरस के लिए कोई विशेष दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। डॉक्टर केवल सपोर्टिव ट्रीटमेंट दे रहे हैं। इसमें शामिल हैं:

-ऑक्सीजन सपोर्ट

-फेफड़ों की देखभाल

-दर्द और बुखार को नियंत्रित करना

-शरीर में पानी और पोषण बनाए रखना

अगर आने वाली स्टडी में यह साबित हो जाता है कि वायरस लंबे समय तक संक्रामक रहता है, तो संक्रमित लोगों के लिए क्वारंटाइन की अवधि बढ़ाई जा सकती है।

 

WHO ने लोगों को दी सावधानी बरतने की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और संक्रमित व्यक्ति के बहुत करीब संपर्क से बचने की सलाह दी है। इसके अलावा यौन संबंधों में सावधानी बरतें, संक्रमित व्यक्ति की चीजें साझा न करें, स्तनपान कराने वाली महिलाएं अतिरिक्त सावधानी रखें, चूहों वाले स्थानों की सफाई करते समय मास्क और दस्ताने पहनें।

 

आने वाले समय में मिल सकती है ज्यादा जानकारी
वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ हफ्तों और महीनों में चल रही रिसर्च के नतीजे सामने आने के बाद वायरस के फैलने के तरीके और संक्रमण की अवधि को लेकर ज्यादा स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल WHO और दुनियाभर की स्वास्थ्य एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

 

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