नेशनल डेस्क: दुनिया में एक बार फिर खतरनाक वायरस इबोला को लेकर चिंता बढ़ गई है। अफ्रीका के कई देशों में तेजी से फैल रहे इबोला संक्रमण को देखते हुए WHO ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है। बढ़ते मामलों के बाद भारत समेत कई देशों ने सतर्कता बढ़ा दी है।
कांगो और युगांडा में तेजी से फैल रहा संक्रमण
जानकारी के मुताबिक, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) और युगांडा में इबोला वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। यह संक्रमण खासतौर पर ‘बुंडीबुग्यो स्ट्रेन’ के कारण फैल रहा है, जिसे बेहद खतरनाक और तेजी से फैलने वाला माना जा रहा है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इस स्ट्रेन के लिए अभी तक कोई मंजूरशुदा वैक्सीन या विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है। WHO ने 16 मई 2026 को इस बीमारी को ‘पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न’ यानी वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया। यह फैसला अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों (IHR 2005) के तहत लिया गया।
लगातार बढ़ रहे हैं मामले
WHO की रिपोर्ट के अनुसार, 21 मई 2026 तक कांगो में सैकड़ों संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं और बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो चुकी है। संक्रमण अब कई इलाकों तक फैल चुका है। युगांडा में भी संक्रमित मरीज मिले हैं, जिनमें कुछ लोग कांगो से यात्रा करके पहुंचे थे। स्वास्थ्य एजेंसियों का कहना है कि सीमावर्ती इलाकों में लोगों की आवाजाही, कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था और संघर्ष की स्थिति के कारण संक्रमण को रोकना मुश्किल हो रहा है।
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भारत सरकार ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी
इबोला के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने भी अलर्ट जारी कर दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। सरकार ने कहा है कि जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते, तब तक इन देशों की यात्रा टालना बेहतर होगा। साथ ही जो लोग पहले से वहां रह रहे हैं या जरूरी काम से यात्रा कर रहे हैं, उन्हें सभी स्वास्थ्य नियमों और सावधानियों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।
अफ्रीका CDC ने भी दी चेतावनी
अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन यानी Africa CDC ने भी इस इबोला प्रकोप को गंभीर खतरा बताया है। संस्था ने इसे ‘महाद्वीपीय सुरक्षा से जुड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ घोषित किया है। अधिकारियों के अनुसार, बुंडीबुग्यो स्ट्रेन बहुत तेजी से फैल सकता है और कई देशों तक पहुंचने का खतरा बना हुआ है।
क्या है इबोला वायरस?
इबोला एक बेहद खतरनाक वायरल बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों जैसे खून, पसीना या अन्य शारीरिक संपर्क से फैलती है। इसके शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, कमजोरी, उल्टी, दस्त और शरीर में दर्द शामिल हैं। गंभीर स्थिति में अंदरूनी और बाहरी रक्तस्राव भी हो सकता है।
दुनिया की बढ़ी चिंता
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते संक्रमण को नहीं रोका गया, तो यह कई देशों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। WHO और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं लगातार निगरानी कर रही हैं और प्रभावित देशों को मेडिकल सहायता, जांच सुविधा और स्वास्थ्य संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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