नेशनल डेस्क। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। घटना के करीब 8 महीने बाद NIA ने इस केस में 7 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। NIA की चार्जशीट में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के टॉप कमांडर साजिद जट्ट को इस हमले का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है।
पाकिस्तान से रची गई थी साजिश
NIA के मुताबिक, इस आतंकी हमले की साजिश पाकिस्तान में बैठकर रची गई थी। चार्जशीट में लश्कर-ए-तैयबा और उसके मुखौटा संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से जुड़े आतंकियों के नाम सामने आए हैं। एजेंसी का दावा है कि हमले से पहले आतंकियों को स्थानीय स्तर पर पूरी मदद दी गई थी, ताकि वे वारदात को अंजाम दे सकें।
आशान्या ने दी ये प्रतिक्रिया
पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए कानपुर निवासी शुभम द्विवेदी की पत्नी आशान्या द्विवेदी ने NIA की चार्जशीट पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। आशान्या ने कहा, “मैं भारत सरकार और NIA का दिल से धन्यवाद करती हूं कि इस मामले में तेजी से कार्रवाई हुई और जांच पूरी की गई। सभी अधिकारियों और सशस्त्र बलों का भी आभार, जिन्होंने तुरंत एक्शन लिया।”
#WATCH कानपुर (यूपी): पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी की पत्नी आशान्या द्विवेदी ने पहलगाम आतंकी हमले में NIA द्वारा चार्जशीट दाखिल करने पर कहा, “भारत सरकार और NIA को बहुत धन्यवाद कि इस पर जल्द ही चार्टशीट तक बात आ गई और जांच पूरी हो गई। आपने एक्शन तुरंत-तुरंत लिए हैं… pic.twitter.com/i94zGMYeVB
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 16, 2025
भारत में रहकर पाकिस्तान की मदद करने वालों पर शिकंजा
आशान्या द्विवेदी ने कहा कि चार्जशीट में उन लोगों के नाम भी शामिल हैं, जो भारत में रहते हुए पाकिस्तान और आतंकियों की मदद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि आगे कोई भी देश के खिलाफ खड़ा होने की हिम्मत न कर सके।
‘ऐसी सजा मिले कि आत्मा कांप जाए’
आशान्या ने कहा, “मेरा निवेदन है कि दोषियों को ऐसी सजा मिले कि अगली बार कोई भी भारतीय आतंकियों की मदद करने से पहले सौ बार सोचे। इनकी आत्मा कांप जानी चाहिए।” उन्होंने यह भी बताया कि कुछ आरोपियों पर पहले से 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था, फिर भी वे आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे।
पूरे देश को एकजुट होने की जरूरत
आशान्या ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद भी आतंकी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने लाल किले की घटना और हाल ही में सिडनी में हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि ये सभी आतंकवाद की कड़ी हैं। उन्होंने कहा, “अब भारत को चुप नहीं बैठना है। पूरे देश को एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी।”
NIA की चार्जशीट में कौन-कौन शामिल
NIA ने जम्मू की स्पेशल कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में कुल 7 आरोपियों को नामजद किया है। इसमें शामिल हैं मारे गए आतंकी सुलेमान, हमजा, जिब्रां, आतंकियों को मदद देने वाले तीन स्थानीय सहयोगी। पाकिस्तान में बैठे इनके आका और साजिशकर्ता। चार्जशीट में दावा किया गया है कि हमले से पहले आतंकियों को हर स्तर पर सहयोग दिया गया था।
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