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‘दुनिया अस्थिरता की ओर बढ़ रही, इंडियन डेटा है सबसे बड़ा एसेट’, लोकसभा में बोले राहुल गांधी

world moving towards instability Rahul Gandhi said Lok Sabha

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नई दिल्ली: लंबे राजनीतिक गतिरोध के बाद आज लोकसभा में बजट 2026 पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हिस्सा लिया। अपने भाषण में उन्होंने वैश्विक हालात, अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा और भारत के डेटा की अहमियत पर विस्तार से बात की।

दुनिया स्थिरता से अस्थिरता की ओर

राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने आर्थिक सर्वे (इकोनॉमिक सर्वे) पढ़ा और उसमें दो अहम बातें सामने आईं। पहली, दुनिया में भू-राजनीतिक (जियोपॉलिटिकल) टकराव बढ़ रहे हैं। अमेरिका के वर्चस्व को अब चीन, रूस और अन्य ताकतें चुनौती दे रही हैं। दूसरी, हम “एनर्जी और फाइनेंशियल हथियारों” की दुनिया में प्रवेश कर चुके हैं। यानी अब देशों के बीच संघर्ष सिर्फ सैन्य ताकत से नहीं, बल्कि आर्थिक और ऊर्जा संसाधनों के जरिए भी हो रहा है।


उन्होंने कहा कि हम एक स्थिर दुनिया से अस्थिर दुनिया में जा रहे हैं। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि “युद्ध का दौर खत्म हो गया है।” राहुल ने कहा कि हकीकत इसके उलट है, यूक्रेन में युद्ध जारी है, गाजा में युद्ध हुआ, मिडिल ईस्ट में संघर्ष है, ईरान में युद्ध का खतरा बना हुआ है और भारत ने भी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे सैन्य अभियान चलाए हैं।उनके अनुसार, दुनिया एक सुपरपावर के दौर से निकलकर एक नई और अनिश्चित वैश्विक व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जिसका अभी साफ अंदाज़ा नहीं है।

डॉलर और इंडियन डेटा पर जोर

राहुल गांधी ने कहा कि आज सबसे बड़ा मुकाबला अमेरिका और चीन के बीच है। इस प्रतिस्पर्धा में “इंडियन डेटा” सबसे कीमती संपत्ति है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका अपनी सुपरपावर स्थिति बनाए रखना चाहता है और डॉलर को मजबूत रखना चाहता है, तो उसकी चाबी भारत के पास मौजूद डेटा में है। राहुल गांधी ने कहा, “अगर INDIA गठबंधन राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत कर रहा होता, तो हम उनसे कहते कि इस पूरी इक्वेशन में सबसे अहम चीज़ इंडियन डेटा है। अगर आप डॉलर को बचाना चाहते हैं, तो भारत के लोगों का डेटा सबसे बड़ा एसेट है।”

 

आबादी बोझ नहीं, सबसे बड़ी ताकत

राहुल गांधी ने कहा कि 21वीं सदी में लोगों की जानकारी, उनकी पसंद-नापसंद, सोच, कल्पना और व्यवहार ये सब बेहद कीमती हो गए हैं। उन्होंने कहा कि 20वीं सदी में अक्सर कहा जाता था कि बड़ी आबादी एक बोझ है, लेकिन आज वही आबादी सबसे बड़ी ताकत बन सकती हैबशर्ते उसके डेटा को सही तरीके से समझा और इस्तेमाल किया जाए।

उनके मुताबिक, भारत की सबसे बड़ी पूंजी उसके लोग हैं और उनका डेटा भविष्य की वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभा सकता है। राहुल गांधी के इस भाषण ने बजट चर्चा के दौरान वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और डेटा सुरक्षा जैसे मुद्दों को केंद्र में ला दिया।

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