
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गोयला डेयरी में 16 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बायोगैस संयंत्र का उद्घाटन किया। इस संयंत्र के माध्यम से प्रतिदिन 200 मीट्रिक टन गोबर से स्वच्छ ईंधन और जैविक खाद का उत्पादन किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस पहल से गोबर के यमुना में प्रवाहित होने पर रोक लगाने के साथ-साथ पशुपालकों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बायोगैस संयंत्र कचरे से संसाधन तैयार करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि गोबर का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग होने से प्रदूषण कम करने, स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने और जैविक खाद के उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इससे पशुपालन से जुड़े लोगों के लिए आय के अतिरिक्त अवसर भी विकसित हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली में वर्षों तक एक भी बायोगैस संयंत्र स्थापित नहीं किया गया और बड़ी मात्रा में गोबर यमुना में पहुंचता रहा।
उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में 3 संयंत्र शुरू किए हैं और 6 अन्य संयंत्र स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वेस्ट टू वेल्थ’ संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए काम कर रही है। इसके तहत अपशिष्ट को बेकार सामग्री मानने के बजाय उपयोगी संसाधन में बदलने पर जोर दिया जा रहा है। बायोगैस संयंत्र से निकलने वाले जैविक खाद का उपयोग कृषि और अन्य संबंधित गतिविधियों में किया जा सकता है, जबकि बायोगैस स्वच्छ ईंधन के विकल्प के रूप में काम आएगी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही, उपमहापौर मोनिका पंत, विधायक संदीप सहरावत, दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। सरकार के अनुसार, ऐसे संयंत्रों के विस्तार से गोबर के उचित प्रबंधन, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। साथ ही, पशुपालकों के लिए गोबर को उपयोगी संसाधन में बदलने के अवसर तैयार होंगे।