Site icon Dainik Savera Times

तनाव, सामाजिक और राजनीतिक संघर्षों से निपटने का एकमात्र जरिया है योग: बाबा रामदेव

baba ramdev

विजयवाड़ा: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर विजयवाड़ा के इंदिरा गांधी म्युनिसिपल स्टेडियम में योगाभ्यास का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और योग गुरु बाबा रामदेव ने हजारों लोगों के साथ योग अभ्यास किया।

योग गुरु बाबा रामदेव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया ने योग को अपनाया है और इसके लाभों को महसूस किया है। वर्तमान समय में दुनिया स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, सामाजिक चुनौतियों, राजनीतिक संघर्षों और व्यक्तिगत तथा कॉर्पोरेट जीवन के तनावों जैसी अनेक कठिनाइयों का सामना कर रही है। ऐसे समय में योग इन समस्याओं से निपटने का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।

योग गुरु ने कहा कि देश और दुनिया भर में लोग अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को उत्साहपूर्वक मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव और मानसिक दबाव के बीच योग ही स्वस्थ और संतुलित जीवन का मार्ग दिखाता है। सभी लोगों से रोजाना योग करने की अपील करते हुए कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि एक संपूर्ण जीवनशैली है।

बाबा रामदेव ने कहा कि योग बीमार लोगों के लिए जीवन जीने का एक तरीका है, जबकि युवाओं के लिए यह शक्ति, ऊर्जा और आत्मविश्वास का स्रोत है। भारत को योग की धरती बताते हुए, उन्होंने कहा कि योग मानव को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाता है।

पतंजलि के मैनेजिंग डायरेक्टर बालकृष्ण ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि योग ही स्वास्थ्य, खुशी, समृद्धि और संतुलन प्राप्त करने का वास्तविक मार्ग है। दुनिया भौतिक उपलब्धियों के पीछे भाग रही है, जबकि योग व्यक्ति को आंतरिक शांति और सच्चा आनंद प्रदान करता है।

बालकृष्ण ने बताया कि इस वर्ष योग दिवस के लिए 1.67 करोड़ से अधिक पंजीकरण हुए, जो एक रिकॉर्ड है। सरकार का उद्देश्य योग को लोगों की दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना है। इसके माध्यम से एक स्वस्थ, समृद्ध और खुशहाल आंध्र प्रदेश के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। योग दिवस का यह आयोजन जनभागीदारी और उत्साह के लिहाज से ऐतिहासिक माना जा रहा है।

उन्होंने कहा कि योग हमें यही सब सिखाता है। हमें जिंदगी में खुशी चाहिए। हमें आनंद चाहिए। हमें समृद्धि चाहिए। हमें विकास चाहिए। हमें खुशी चाहिए। बाकी दुनिया तो भौतिक चीज़ों के पीछे भागती है। हम जो काम करते हैं, जो नौकरी करते हैं, जो बिजनेस करते हैं, जो पढ़ाई करते हैं, वह सब हम अपनी काबिलियत और अपनी क्वालिफिकेशन के लिए करते हैं।

Exit mobile version