नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इन सांसदों के NCPI में शामिल होने और NDA को समर्थन देने के बाद अब दावा किया गया है कि इनमें से 17 सांसद जल्द भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकते हैं। वहीं, तीन मुस्लिम सांसद NCPI में ही रहकर NDA का समर्थन जारी रखेंगे।
यह दावा बागी सांसदों में शामिल जगदीश बसुनिया ने किया है। उन्होंने कहा कि 20 सांसदों ने केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने के उद्देश्य से NDA के साथ जाने का फैसला किया है। उनके मुताबिक, इन सांसदों ने BJP में शामिल होने का भी निर्णय लिया है, लेकिन इसके लिए अभी कुछ कानूनी और औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होनी बाकी हैं।
17 सांसद BJP में जाएंगे, तीन NCPI में रहेंगे
जगदीश बसुनिया के अनुसार, 20 बागी सांसदों में से 17 BJP की सदस्यता लेंगे, जबकि अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान NCPI में ही बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि ये तीनों सांसद BJP में शामिल नहीं होंगे, लेकिन NDA का समर्थन करते रहेंगे और उसकी बैठकों में हिस्सा लेंगे।
बसुनिया ने इसके पीछे इन सांसदों के लोकसभा क्षेत्रों की सामाजिक और राजनीतिक स्थिति को वजह बताया। उनका कहना है कि इन क्षेत्रों में अल्पसंख्यक आबादी अधिक है, इसलिए तीनों सांसद सीधे BJP में शामिल होने के बजाय NCPI में रहकर NDA और BJP का समर्थन करेंगे।
दलबदल कानून का भी दिया हवाला
बसुनिया ने दलबदल विरोधी कानून का जिक्र करते हुए कहा कि किसी पार्टी के सांसदों के दूसरे दल के साथ जाने के मामले में दो-तिहाई संख्या महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने दावा किया कि TMC के कुल 28 सांसदों में से 20 सांसदों ने साथ जाने का फैसला किया है। इसलिए उनके मुताबिक, इन सांसदों को दलबदल विरोधी कानून के तहत संरक्षण मिलना चाहिए।
हालांकि, इस पूरे मामले में कानूनी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। दलबदल को लेकर उठे सवालों पर सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन है और अंतिम फैसला कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
TMC ने लोकसभा स्पीकर से की शिकायत
बताया गया है कि TMC ने इन 20 सांसदों के खिलाफ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के पास शिकायत की है। स्पीकर की ओर से सभी सांसदों से इस मामले में जवाब मांगा गया है। पहले सांसदों को 26 अगस्त तक जवाब दाखिल करना था, लेकिन उन्होंने अतिरिक्त समय की मांग की। इसके बाद उन्हें अब 22 सितंबर तक जवाब देने का समय दिया गया है। इसके बाद लोकसभा स्पीकर की ओर से आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
लोकसभा रिकॉर्ड में अभी भी TMC सांसद
इस पूरे घटनाक्रम के बावजूद लोकसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड में फिलहाल ये 20 सांसद TMC सांसद के तौर पर ही दर्ज हैं। इसकी वजह यह है कि उनके दल बदलने को अभी लोकसभा स्पीकर की ओर से मंजूरी नहीं मिली है। ये सांसद एक रजिस्टर्ड लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल NCPI में शामिल हुए हैं और उन्होंने NDA के साथ जाने की घोषणा की है।
हालांकि, उनका यह कदम दलबदल विरोधी कानून के दायरे में आता है या नहीं, इस पर अंतिम स्थिति कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही साफ होगी। अब सबकी नजर 22 सितंबर पर है। इस तारीख तक सांसदों के जवाब दाखिल होने के बाद लोकसभा स्पीकर की कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई से यह स्पष्ट होगा कि इन सांसदों की राजनीतिक स्थिति आगे क्या रहती है।

