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SCO के बाद BRICS में भी दिखा मोदी-पुतिन-शी का बॉन्ड, हाथ पकड़कर मुस्कुराते दिखे तीनों नेता

After SCO, Modi-Putin-Xi's bond was also visible BRICS

After SCO, Modi-Putin-Xi's bond was also visible BRICS

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत मंडपम में चल रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ गर्मजोशी भरे सौहार्द के पल साझा किए, जहां तीनों नेताओं को हाथ पकड़कर मुस्कुराते हुए देखा गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने एक्स अकाउंट पर इसकी झलकियां साझा करते हुए पोस्ट किया, “ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 दिल्ली में शुरू हो गया है।” तस्वीरों और वीडियो ने पिछले महीने बिश्केक में हुए 26वें शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी, पुतिन और शी के बीच दिखे ऐसे ही सौहार्द की याद दिला दी, जहां 31 अगस्त को तीनों नेता मुस्कुराते और हाथ मिलाते नजर आए थे। यह पल एससीओ के वार्षिक समारोह में आधिकारिक फैमिली फोटो के दौरान देखने को मिला था, जो एक स्थापित परंपरा है।

 

31 अगस्त से 1 सितंबर तक तियानजिन में हुए 2025 एससीओ प्लस शिखर सम्मेलन में भी तीनों नेताओं के कई यादगार वीडियो सामने आए थे। पीएम मोदी का राष्ट्रपति पुतिन को गले लगाना, शी और पुतिन के साथ उनकी वॉक और दोनों नेताओं के साथ उनकी बातचीत ने शीर्ष नेताओं के बीच व्यक्तिगत सौहार्द को उजागर किया था।

नई दिल्ली से ताजा वीडियो पीएम मोदी द्वारा भारत मंडपम में ब्रिक्स नेताओं का स्वागत करने के बाद सामने आए। पीएम मोदी ने शिखर सम्मेलन से पहले भारत मंडपम में राष्ट्रपति पुतिन, राष्ट्रपति शी जिनपिंग, इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और अन्य नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया।

भारत शनिवार और रविवार (12-13 सितंबर) को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, जिसमें ब्रिक्स के सदस्य और साझेदार देशों के नेता, साथ ही आउटरीच आमंत्रित देश, एक साथ आए हैं। विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम ‘बिल्डिंग फॉर रिजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी’ (लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण) है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मानवता प्रथम’ की भावना पर आधारित जन-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है।

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