Dainik Savera Times

पूसा में विकसित तकनीकों और किस्मों के बारे में दो देशों के कृषि मंत्रियों ने ली जानकारी

Agriculture ministers of both the countries

नई दिल्ली : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और इजराइल के कृषि एवं खाद्य सुरक्षा मंत्री श्री अवि दिख्तर ने आज पूसा, दिल्ली में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के अंतर्गत भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) के कृषि परिसर का दौरा किया।

इस दौरान केंद्रीय कृषि सचिव और आईसीएआर के प्रभारी महानिदेशक श्री देवेश चतुर्वेदी ने दोनों मंत्रियों और अन्य प्रतिनिधियों को, 31 दिसंबर 1996 को इजरायल के राष्ट्रपति महामहिम एज़र वीज़मैन और तत्कालीन केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चतुरानन मिश्रा द्वारा आईसीएआर- आईएआरआई, पूसा, दिल्ली में अनुसंधान एवं विकास और प्रदर्शन फार्म पर भारत-इजरायल परियोजना की आधारशिला रखे जाने के बारे में बताया। संयुक्त निदेशक (अनुसंधान), आईएआरआई ने माननीय मंत्रियों को आईएआरआई, पूसा दिल्ली में शुरू किए गए, कृषि में भारत-इजरायल उत्कृष्टता के पहले केंद्र और भारत के विभिन्न हिस्सों के किसानों और अधिकारियों को प्रदर्शन और प्रशिक्षण के साथ-साथ पूरे देश में संरक्षित खेती की तकनीकों को लोकप्रिय बनाने में इसके व्यापक योगदान के बारे में जानकारी दी।

माननीय मंत्रियों और प्रतिनिधियों को संयुक्त निदेशक (अनुसंधान) ने आईएआरआई के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित संरक्षित खेती की तकनीकों और किस्मों के बारे में बताया और कहा कि इसे पूरे देश में लोकप्रिय बनाया गया है। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल ने एक ग्रीनहाउस का दौरा किया, जिसे वर्ष 1998 में भारत-इजरायल विशेषज्ञता के साथ स्थापित किया गया था।

प्रतिनिधिमंडल ने ग्रीनहाउस के अंदर सब्जी फसलों रंगीन शिमला मिर्च, टमाटर और चेरी टमाटर को देखा। टमाटर की ग्रीनहाउस किस्में पूसा कॉकटेल टमाटर, पूसा चेरी टमाटर हाइब्रिड 1, पूसा रक्षित, रंगीन शिमला मिर्च सीपीसीटी-31सी-11 पीला, सीपीसीटी-एवी-151 नारंगी, सीपीसीटी-33ए-2 लाल, पूसा पार्थेनोकार्पिक खीरा, ग्रीष्मकालीन स्क्वैश पूसा अलंकार, पूसा पसंद और फूलों की किस्में गुलदाउदी ज़ेम्बला, मैरीगोल्ड पूसा पर्व, पूसा बहार और पूसा दीप को माननीय मंत्रियों के समक्ष प्रदर्शित किया गया।

इस दौरान आईसीएआर- आईएआरआई एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, इजराइल दूतावास के अधिकारी भी मौजूद थे।

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