Site icon Dainik Savera Times

ममता बनर्जी और स्टालिन से मिले अखिलेश यादव, बोले- हम वो नहीं जो मुश्किलों में साथ छोड़ दें

लखनऊ: पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे 4 मई को सामने आए। इन चुनावों में इंडिया गठबंधन को बड़ा झटका लगा। खासकर पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में गठबंधन की प्रमुख पार्टियों को हार का सामना करना पड़ा। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और तमिलनाडु में डीएमके (DMK) सत्ता से बाहर हो गईं। सबसे बड़ी बात यह रही कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपनी-अपनी सीट भी नहीं बचा पाए।

चुनाव नतीजों के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पहले पश्चिम बंगाल पहुंचे। वहां उन्होंने ममता बनर्जी से मुलाकात की और उनका हौसला बढ़ाया। मुलाकात के दौरान अखिलेश ने कहा कि हार-जीत राजनीति का हिस्सा है और ममता बनर्जी हारी नहीं हैं। इसके बाद अखिलेश यादव तमिलनाडु पहुंचे और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं से मिलने के बाद अखिलेश यादव ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर किया। पोस्ट में ममता बनर्जी और स्टालिन के साथ तस्वीरें थीं। इसके साथ उन्होंने लिखा, “हम वो नहीं जो मुश्किलों में साथ छोड़ दें।”

 

अखिलेश यादव की इस पोस्ट को विपक्षी एकता और सहयोग के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उन्होंने यह दिखाने की कोशिश की है कि चुनाव हारने के बाद भी विपक्षी दल एक-दूसरे के साथ खड़े हैं।

बंगाल में 15 साल बाद बदली सत्ता

पश्चिम बंगाल में टीएमसी को इस बार बड़ी हार का सामना करना पड़ा। 15 साल तक सत्ता में रहने के बाद पार्टी सरकार बनाने में नाकाम रही। चुनाव में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 207 सीटें जीत लीं, जबकि टीएमसी सिर्फ 80 सीटों पर सिमट गई। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी अपनी सीट हार गईं। चुनाव परिणाम आने के बाद राज्य के कई इलाकों से हिंसा और आगजनी की खबरें भी सामने आईं। बीजेपी नेताओं ने कार्यकर्ताओं पर हमलों का आरोप लगाया। शुभेंदु अधिकारी के पीए की भी हत्या कर दी गई।

तमिलनाडु में डीएमके की हार

तमिलनाडु में भी डीएमके को बड़ा झटका लगा। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपनी सीट नहीं बचा पाए। उन्हें टीवीके (TVK) उम्मीदवार वीएस बाबू ने हराया। इस चुनाव में अभिनेता विजय थलपति की पार्टी TVK ने शानदार प्रदर्शन किया। पहली बार चुनाव लड़ते हुए पार्टी ने 108 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं डीएमके को 59 सीटें मिलीं। AIADMK को 47 और कांग्रेस को 5 सीटों पर जीत मिली।

Exit mobile version