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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अंतरिम राहत, इलाहाबाद HC ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक

Allahabad HC stays Avimukteshwarananda arrest

Allahabad HC stays Avimukteshwarananda arrest

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को बड़ी राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकलपीठ ने अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद उन्हें अंतरिम संरक्षण प्रदान किया। अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता के विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने 24 फरवरी को अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता जमानत का विरोध करते हुए अदालत को पॉक्सो मामले की गंभीरता से अवगत कराया और कहा कि याचिकाकर्ता को पहले निचली अदालत का रुख करना चाहिए था। वहीं, स्वामी पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि पूरा मामला साजिश के तहत दर्ज कराया गया है और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।

आरोप निराधार, जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी: बचाव पक्ष

बचाव पक्ष ने कहा कि आरोप निराधार हैं और जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। मामला आशुतोष ब्रह्मचारी की ओर से दायर अर्जी के बाद दर्ज हुआ। जिला अदालत के आदेश पर झूंसी थाने में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ नाबालिग बटुकों से दुष्कर्म के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी। प्रकरण पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज है और विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की अदालत के आदेश के अनुपालन में कार्रवाई की गई।

सुनवाई से पहले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने वाराणसी में मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और “झूठ की उम्र लंबी नहीं होती।” उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो नार्को टेस्ट सहित हर प्रकार की जांच के लिए वे तैयार हैं।

बम धमकी देने वाला आरोपी गिरफ्तार 

इसी बीच, स्वामी पक्ष के अधिवक्ता को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने आरोपी अजीत कुमार सरोज को वाराणसी के जंसा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी विधि का छात्र है और प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि पड़ोसी को फंसाने के उद्देश्य से उसने धमकी भरा संदेश भेजा था।

गौरतलब है कि नाबालिगों के साथ कथित यौन शोषण के मामले में दर्ज एफआईआर के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके एक शिष्य ने अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी। प्रकरण अदालत में सूचीबद्ध है और अगली सुनवाई की तिथि पर विस्तृत बहस होगी। आज अदालत के आदेश के बाद फिलहाल स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को गिरफ्तारी से राहत मिल गई है।

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