नेशनल डेस्क: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दार्जिलिंग में एक रैली के दौरान गोरखा समुदाय को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा रास्ता खोजेगी, जिससे गोरखाओं को बार-बार आंदोलन या विरोध करने की जरूरत न पड़े।
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अमित शाह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी और उनकी पार्टी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने गोरखा लोगों के साथ अन्याय किया है और उनके इतिहास को दबाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि अब इस अन्याय को खत्म करने का समय आ गया है। उन्होंने यह भी कहा कि गोरखा आंदोलन से जुड़े लोगों पर कई “झूठे केस” दर्ज किए गए हैं। शाह ने वादा किया कि 31 जुलाई से पहले इन सभी मामलों को वापस ले लिया जाएगा।
इसके अलावा, उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) गोरखाओं की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाएगी। गौरतलब है कि गोरखालैंड आंदोलन दार्जिलिंग और आसपास के इलाकों में रहने वाले गोरखा समुदाय की अलग राज्य की मांग से जुड़ा है। यह मुद्दा कई सालों से चल रहा है और समय-समय पर आंदोलन होते रहे हैं।
रैली में बोलते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार गोरखा समुदाय के साथ न्याय करेगी। उन्होंने राज्य सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि उनके शासन में हिंसा और असुरक्षा बढ़ी है।आने वाले चुनावों को लेकर उन्होंने कहा कि इस बार जनता बदलाव चाहती है और राज्य को अपराध और भ्रष्टाचार से मुक्त करना चाहती है। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया और कहा कि दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी।
पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। पिछली बार 2021 के चुनाव में TMC ने बड़ी जीत हासिल की थी, लेकिन BJP ने भी अपनी सीटों में काफी बढ़ोतरी की थी, जिससे इस बार मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
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