नई दिल्ली: आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक बड़े आतंकी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। जैश के टॉप कमांडर इलियास कश्मीरी ने दावा किया है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने इस लड़ाई को ‘गजवा-ए-हिंद’ बताया था और आतंकियों को इसी नाम पर उकसाया गया था।
यह खुलासा पांच फरवरी को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के रावलकोट में हुई एक गुप्त रैली के दौरान किया गया। यह रैली खास तौर पर जैश में नए भर्ती किए गए आतंकियों के लिए आयोजित की गई थी। इस दौरान इलियास कश्मीरी ने खुले तौर पर कहा कि उनके “सिपहसालार” यानी पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने युद्ध का ऐलान करते हुए इसे गजवा-ए-हिंद बताया था। इलियास कश्मीरी ने कहा कि जब हालात बिगड़े और जंग जैसी स्थिति बनी, तब हथियार बाहर आ गए, फाइटर जेट आमने-सामने आ गए और टैंक तक तैनात कर दिए गए। इसी दौरान पाक सेना प्रमुख ने इस लड़ाई को ‘गजावत-उल-हिंद’ और ‘बुनयान अल मरसूस’ करार दिया।
इस रैली में आतंकियों को भड़काते हुए इलियास कश्मीरी ने कहा कि उनका नाम, पहचान और मकसद सिर्फ जिहाद है। उसने कहा कि सरकार साथ हो या न हो, उनका रास्ता हमेशा आतंकवाद का ही रहेगा। उसने खुले तौर पर कहा कि वे जिहाद जारी रखेंगे और कश्मीर को आज़ाद कराने की कोशिश करते रहेंगे।
गौर करने वाली बात यह है कि इलियास कश्मीरी वही आतंकी है, जिसने सबसे पहले यह जानकारी दी थी कि सात मई को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की कार्रवाई में जैश सरगना मौलाना मसूद अजहर के परिवार के कई सदस्य बहावलपुर में मारे गए थे।
बताया जाता है कि ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में पाकिस्तान ने अपने सैन्य अभियान का नाम ‘बुनयान अल मरसूस’ रखा था, जिसका अर्थ होता है, शीशे जैसी मजबूत दीवार। इस नाम के जरिए पाकिस्तान दुनिया को यह संदेश देना चाहता था कि वह पूरी तरह मजबूत और तैयार है, लेकिन जैश आतंकी के इस कबूलनामे ने पाकिस्तान और आतंकियों के बीच सांठगांठ को उजागर कर दिया है।
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