कानपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में दो मियां हैं, एक बड़े मियां और दूसरे छोटे मियां। दोनों को बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों से प्यार है, लेकिन दलितों, वंचितों, गरीबों, किसानों और युवाओं के अधिकारों की चिंता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठियों को राशन कार्ड और सरकारी सुविधाएं दिलाकर गरीबों के हक पर डाका डालने की कोशिश की जा रही है।
‘इन दलों को सबक सिखाने का समय आने वाला है’
मुख्यमंत्री योगी ने सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों को सबक सिखाने का समय आने वाला है। सपा का मतलब ही दंगा, भ्रष्टाचार और परिवारवाद है। विरासत में सत्ता मिल सकती है, लेकिन जनता का विश्वास विरासत में नहीं मिलता। काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती। मुख्यमंत्री योगी सोमवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती पर बिठूर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने महर्षि वाल्मीकि आश्रम में पूजा-अर्चना और रामायण पाठ किया।
इस अवसर पर बिल्हौर और बिठूर विधानसभा क्षेत्रों की 411 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 29 परियोजनाओं का लोकार्पण और 19 का शिलान्यास शामिल है। विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए।
अखिलेश यादव को सीएम योगी का जवाब
मुख्यमंत्री योगी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष को बताना चाहिए कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से प्रताड़ित होकर आए पात्र हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख समुदायों के लोगों को नागरिकता देने की व्यवस्था का विरोध क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने वाले दलों को गरीबों और वंचितों के अधिकारों पर भी अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
अखिलेश यादव की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सत्ता विरासत में मिल सकती है लेकिन उसे दोबारा हासिल करने के लिए जनता का विश्वास अर्जित करना पड़ता है। केवल पारिवारिक विरासत के भरोसे राजनीति नहीं चल सकती।
पूर्ववर्ती सरकारों को घेरा
मुख्यमंत्री योगी ने सपा की पूर्ववर्ती सरकार पर दंगाइयों और भू-माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कोसी कलां, मुजफ्फरनगर और मथुरा के जवाहर बाग की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में आम लोगों के साथ पुलिसकर्मी भी सुरक्षित नहीं थे। जवाहर बाग में अवैध कब्जा हटाने पहुंचे पुलिस अधिकारी मुकुल द्विवेदी और संतोष यादव की हत्या कर दी गई थी।
मुख्यमंत्री योगी ने कानपुर में वर्ष 1931 के दंगे में पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी की हत्या और बिल्हौर विधायक राहुल बच्चा सोनकर के पिता की हत्या का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने दंगों और राजनीतिक हिंसा का दौर देखा है। कानून का शासन और शांतिपूर्ण वातावरण विकास की पहली आवश्यकता है।

