कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के तीन पूर्व राज्यसभा सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। बीजेपी में शामिल होने वाले नेताओं में सुखेंदु शेखर राय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक शामिल हैं।
कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने तीनों नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई। उन्होंने बताया कि बीजेपी में शामिल होने से पहले तीनों नेताओं ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। बीजेपी में शामिल होने के बाद शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक पहले वामपंथी सरकार और उसके बाद तृणमूल कांग्रेस की सरकार रही। उनका आरोप था कि इस दौरान केंद्र सरकार के साथ सहयोग करने के बजाय टकराव की राजनीति की गई, जिससे राज्य के विकास पर असर पड़ा।
#WATCH | Kolkata, West Bengal: On TMC MP Mahua Moitra’s statement, Former TMC Rajya Sabha MP Sushmita Dev says, “Her biggest problem is that no one wants to take her into their party; that is why she remains with the Trinamool.”
On joining the BJP, she says, “The massive… pic.twitter.com/1qc1anlcoM
— ANI (@ANI) July 9, 2026
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और उनके विकास के विजन पर भरोसा जताते हुए इन तीनों नेताओं ने टीएमसी छोड़कर बीजेपी का साथ चुना है। शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि सुखेंदु शेखर राय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक राज्यसभा के अनुभवी और प्रभावशाली सांसद रहे हैं और उनके बीजेपी में आने से पार्टी और मजबूत होगी। बीजेपी अध्यक्ष ने तीनों नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि यह पार्टी के लिए खुशी का अवसर है। उन्होंने कहा कि पूरे संगठन की ओर से तीनों नेताओं का दिल से स्वागत किया जाता है।
#WATCH | Kolkata, West Bengal: Former TMC Rajya Sabha MP Sukhendu Sekhar Roy says, “There are 800 MPs in the country. Out of those 800, I was the only one to publicly demand that, given how evidence regarding the RG Kar incident was being tampered with, the Police Commissioner… pic.twitter.com/iAZaFyPo0E
— ANI (@ANI) July 9, 2026
बीजेपी में शामिल होने के बाद पूर्व टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर राय ने भी ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस का राजनीतिक प्रभाव अब खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस पर अब ज्यादा चर्चा करने की जरूरत नहीं है। सुखेंदु शेखर राय ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में केंद्र सरकार के साथ मिलकर विकास करने के बजाय विरोध की राजनीति की गई। उनका कहना था कि इसका नुकसान राज्य की कई पीढ़ियों को उठाना पड़ा और बेहतर अवसरों की तलाश में बड़ी संख्या में युवाओं को राज्य छोड़ना पड़ा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब देश के कई राज्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन के साथ आगे बढ़ रहे हैं, तब पश्चिम बंगाल में विकास के बजाय गलत कामों और राजनीतिक टकराव पर ज्यादा ध्यान दिया गया। तीनों नेताओं के बीजेपी में शामिल होने को पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे राज्य में बीजेपी और टीएमसी के बीच राजनीतिक मुकाबला और तेज हो सकता है।
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