
Akhilesh Yadav attack Modi government : समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की अधिकांश समस्याओं की असली वजह भाजपा है और जब तक मूल समस्या का समाधान नहीं होगा, तब तक हालात नहीं बदलेंगे।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, “जब बीमारी जड़ में हो, तो फल का इलाज करने से कोई फायदा नहीं होता। देश की हर समस्या की बस एक ही जड़ है और वह है BJP।” उन्होंने अपने संदेश के अंत में नारा देते हुए लिखा, “NO FAST TRACK; BJP GO BACK!” यानी फास्ट-ट्रैक व्यवस्था नहीं, बल्कि भाजपा को सत्ता से बाहर किया जाए।
अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब देश के कई हिस्सों में परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
जब बीमारी ROOT में है तो FRUIT के इलाज से कोई नहीं माननेवाला।
देश में हर समस्या की एक ही जड़ है, जो गई अड़ है : नाम तो सुना होगा ‘BJP’
NO FAST TRACK; BJP GO BACK!#No_More_BJP#नहीं_चाहिए_भाजपा
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 24, 2026
इसी बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों की भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के साथ दोपहर CCI में बैठक प्रस्तावित है। यह बैठक जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच हो रही है, जहां प्रदर्शनकारी NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं।
गुरुवार को भोपाल में भी छात्र और युवा संगठनों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और पेपर लीक मामलों की जिम्मेदारी तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने बेरोजगारी, सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को जल्द भरने और नर्सिंग कॉलेजों में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की भी मांग की। इस प्रदर्शन में मध्य प्रदेश के करीब 20 जिलों से छात्र शामिल हुए।
वहीं, हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में CPI(M) से संबद्ध सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU) ने भी छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किया। संगठन ने NEET पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। इसके अलावा कर्नाटक, महाराष्ट्र और बिहार सहित कई राज्यों में भी NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी रहे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...