नेशनल डेस्क: तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर अभी भी स्थिति साफ नहीं हो पाई है। टीवीके (TVK) प्रमुख विजय गुरुवार को दूसरी बार राजभवन पहुंचे और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की। लेकिन राज्यपाल ने फिलहाल सरकार बनाने की अनुमति नहीं दी है।
सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल का कहना है कि केवल सबसे बड़ी पार्टी होने से सरकार नहीं बनाई जा सकती। सरकार बनाने के लिए विधानसभा में स्पष्ट बहुमत होना जरूरी है। तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सीटें हैं और बहुमत के लिए 118 विधायकों का समर्थन चाहिए।
टीवीके सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन बहुमत से दूर
23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में टीवीके ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीती थीं। इसी के साथ वह राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बन गई। हालांकि विजय खुद दो सीटों से चुनाव जीते हैं और नियम के अनुसार उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। इसके बाद पार्टी की संख्या 107 रह जाएगी।
कांग्रेस ने दिया समर्थन
सरकार बनाने की कोशिश के बीच कांग्रेस ने डीएमके गठबंधन से अलग होकर टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया। कांग्रेस के पांच विधायक विजय के साथ आ गए। इसके बाद टीवीके का आंकड़ा 112 तक पहुंच गया। लेकिन बहुमत के लिए अभी भी 6 विधायकों की जरूरत है। यही कारण है कि राज्यपाल ने शपथ ग्रहण को लेकर अभी मंजूरी नहीं दी है।
विजय ने पेश किया सरकार बनाने का दावा
बुधवार को विजय ने कांग्रेस के समर्थन पत्र के साथ सरकार बनाने का दावा पेश किया था। इसके अगले दिन वह फिर राजभवन पहुंचे। माना जा रहा है कि इस दौरान बहुमत साबित करने और अन्य दलों के समर्थन पर चर्चा हुई। हालांकि राजभवन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
राज्यपाल का साफ संदेश
सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल ने स्पष्ट कहा है कि केवल समर्थन पत्र या मौखिक दावे काफी नहीं हैं। उन्हें 118 विधायकों का पक्का समर्थन चाहिए, ताकि राज्य में स्थिर सरकार बन सके और विधानसभा में आसानी से बहुमत साबित किया जा सके।
टीवीके की प्रतिक्रिया
टीवीके नेता वीएस बाबू ने कहा कि सरकार गठन की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ सकती है। हालांकि उन्होंने केंद्र सरकार के दबाव से जुड़े सवालों पर कोई टिप्पणी नहीं की। अब सभी की नजर इस बात पर है कि विजय बहुमत का आंकड़ा कैसे जुटाते हैं और तमिलनाडु में नई सरकार कब बनती है।

