नेशनल डेस्क: तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को उनकी मजबूत मानी जाने वाली कोलाथुर सीट पर हार का सामना करना पड़ा है। उन्हें नई पार्टी तमिलागा वेत्री कजगम के उम्मीदवार वीएस बाबू ने 8,795 वोटों से हरा दिया।
बाबू को 82,997 वोट मिले, स्टालिन को 74,202 वोट
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 22 राउंड की गिनती के बाद बाबू को 82,997 वोट मिले, जबकि स्टालिन को 74,202 वोट ही मिल पाए। जीत के बाद बाबू ने लोयोला कॉलेज के काउंटिंग सेंटर से अपना प्रमाणपत्र लिया, जहां उनके समर्थकों ने जमकर जश्न मनाया। यह हार इसलिए भी खास है क्योंकि 2008 में सीट के गठन के बाद से अब तक इस सीट पर हमेशा स्टालिन ही जीतते आए थे। पहली बार ऐसा हुआ है कि वे इस सीट का प्रतिनिधित्व नहीं कर पाएंगे, जिससे राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
TVK ने इस चुनाव में जबरदस्त प्रदर्शन किया
नई पार्टी TVK ने इस चुनाव में जबरदस्त प्रदर्शन किया है और पूरे राज्य में सबको चौंका दिया है। रुझानों के अनुसार, पार्टी कई सीटों पर आगे चल रही है और विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनने की ओर बढ़ रही है। वहीं द्रविड़ मुनेत्र कड़गम दूसरे नंबर पर और AIADMK गठबंधन पीछे नजर आ रहा है।
इन नतीजों ने यह धारणा भी तोड़ी है कि फिल्म स्टार राजनीति में सफल नहीं हो पाते। TVK के नेता विजय अब उन सितारों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने राजनीति में भी सफलता पाई, जैसे एनटी रामाराव, एमजी रामचंद्रन और जे जयललिता। अगर यही रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो तमिलनाडु में पहली बार DMK और AIADMK के अलावा किसी नई पार्टी की सरकार बन सकती है, जो राज्य की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव साबित होगा।

