नेशनल डेस्क: तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और उनकी पार्टी DMK पर तीखा हमला बोला। विधानसभा में TVK और DMK विधायकों के बीच बहस और हंगामे के दौरान विजय ने दावा किया कि उनके पास पिछली DMK सरकार से जुड़ी भ्रष्टाचार की दो अहम फाइलें हैं।
विजय ने सदन में कहा कि वह इन फाइलों को सही समय आने पर सार्वजनिक करेंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “मैं पिछली DMK सरकार से जुड़ी भ्रष्टाचार की फाइलें सही समय पर सामने लाऊंगा। मेरी मेज पर दो फाइलें हैं। मुझे अभी ऐसा करने के लिए मजबूर मत कीजिए।”
सड़क निर्माण में कथित गड़बड़ी पर शुरू हुआ विवाद
मुख्यमंत्री का यह बयान विधानसभा में सड़क निर्माण को लेकर उठे विवाद के दौरान आया। TVK के विधायकों ने सड़क बनाने के काम में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ी का मुद्दा उठाया था। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच बहस तेज हो गई। मामला बढ़ता देख मुख्यमंत्री विजय ने हस्तक्षेप किया और पिछली DMK सरकार के कार्यकाल में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ी फाइलों का जिक्र कर दिया। विजय ने कहा कि उनके पास ऐसी दो फाइलें मौजूद हैं और वह उन्हें उचित समय पर सामने लाएंगे। हालांकि, इन फाइलों में क्या जानकारी है और किन मामलों से जुड़ी हैं, इसका उन्होंने सदन में कोई विस्तृत खुलासा नहीं किया।
भ्रष्टाचार की शिकायतों पर सोशल मीडिया की भी होगी निगरानी
इसी बीच विजय सरकार ने भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों और सबूतों पर नजर रखने के लिए एक नई व्यवस्था बनाने का फैसला किया है। तमिलनाडु सरकार भ्रष्टाचार रोधी एजेंसी DVAC के तहत सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेंटर (SMMC) बनाने जा रही है। इस सेंटर के लिए सरकार ने 50 लाख रुपये का बजट तय किया है। इसका मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया पर सामने आने वाली भ्रष्टाचार से जुड़ी जानकारी को समय रहते रिकॉर्ड और सुरक्षित करना होगा।
24 घंटे सोशल मीडिया पर नजर रखेगा सेंटर
सरकार के मुताबिक, फिलहाल DVAC के पास सोशल मीडिया से मिलने वाली भ्रष्टाचार संबंधी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए अलग व्यवस्था नहीं है। कई बार सोशल मीडिया पर कोई पोस्ट या वीडियो सामने आने के बाद उसे हटा दिया जाता है। ऐसे में जरूरी सबूत भी गायब हो सकते हैं।
नया SMMC सेंटर ऐसी पोस्ट, वीडियो और शिकायतों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का काम करेगा, ताकि जरूरत पड़ने पर इन्हें जांच में इस्तेमाल किया जा सके। सेंटर की टीम 24 घंटे सोशल मीडिया पर नजर रखेगी। आम लोगों की शिकायतों के अलावा व्हिसलब्लोअर की ओर से दी गई जानकारी, भ्रष्टाचार से जुड़े वायरल पोस्ट और वीडियो पर भी नजर रखी जाएगी।
अगर निगरानी के दौरान कोई गंभीर या जांच योग्य जानकारी सामने आती है, तो उसे DVAC के पास भेजा जाएगा। इसके बाद एजेंसी मामले की जांच कर सकती है। इस तरह एक ओर मुख्यमंत्री विजय विधानसभा में पिछली DMK सरकार से जुड़ी “दो भ्रष्टाचार की फाइलों” का जिक्र कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी सरकार सोशल मीडिया से भ्रष्टाचार की शिकायतें और संभावित सबूत जुटाने के लिए नई निगरानी व्यवस्था तैयार कर रही है।

