डबरा (मध्य प्रदेश): भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट नहीं मिलने के बाद अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पार्टी के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए और विरोध जताने के लिए किसी भी तरह का उग्र या हिंसक कदम नहीं उठाना चाहिए।
शनिवार को मीडिया से बातचीत करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो देखे हैं, जिनमें कार्यकर्ता विरोध के दौरान पेट्रोल या केरोसिन लेकर प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने ऐसे कदमों को गलत बताते हुए कहा कि पार्टी के भीतर अपनी बात रखने के लिए उचित मंच मौजूद है और असहमति वहीं व्यक्त करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “यह पार्टी का फैसला है। मैं सभी कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वे किसी भी तरह का उग्र कदम न उठाएं। अगर किसी को अपनी बात रखनी है तो पार्टी के फोरम पर रखें, सड़क पर इस तरह विरोध करना सही नहीं है।”
नरोत्तम मिश्रा की यह अपील ऐसे समय आई है, जब उनके समर्थकों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। दतिया में हजारों प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे-44 को करीब 11 घंटे तक जाम रखा, जिससे दतिया, झांसी, शिवपुरी और ग्वालियर सहित आसपास के इलाकों में यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। दतिया के कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े के अनुसार, शुक्रवार शाम शुरू हुआ चक्का जाम शनिवार सुबह करीब 5 बजे खत्म हुआ। इस दौरान करीब 20 से 25 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। कई बसें, निजी वाहन और एम्बुलेंस भी इस जाम में फंस गईं।
प्रशासन ने पूरी रात प्रदर्शनकारियों को समझाकर सड़क खाली कराने की कोशिश की, लेकिन जब बातचीत सफल नहीं हुई तो स्थिति बिगड़ गई। अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। बताया गया कि कुछ प्रदर्शनकारी एक इमारत के अंदर चले गए और वहां से भी पुलिस पर पत्थर फेंकते रहे।
इस हिंसा में एसडीओपी, पुलिस अधीक्षक (SP) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Additional SP) समेत कुल आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े भी हेलमेट पहनने के बावजूद घायल हुए। कई पुलिस वाहन और अन्य सरकारी गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं। प्रशासन का कहना है कि हालात को संभालने के लिए लाठीचार्ज नहीं किया गया। पुलिस ने केवल समझाइश और आंसू गैस का इस्तेमाल कर भीड़ को हटाने की कोशिश की।
दतिया के पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने बताया कि करीब 3,000 से अधिक प्रदर्शनकारी हाईवे पर जमा हो गए थे। उन्होंने बाजार भी बंद कराने की कोशिश की। अधिकारियों ने कई बार प्रदर्शनकारियों से चक्का जाम खत्म करने की अपील की, लेकिन सुबह करीब 4 बजे अचानक पुलिस पर पथराव शुरू हो गया। उन्होंने बताया कि कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ, जब भाजपा ने शुक्रवार को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया। पार्टी ने इस बार नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिया। मिश्रा वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में इसी सीट से चुनाव हार गए थे।
भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना की जाएगी। यह सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को धोखाधड़ी के एक मामले में दोषी ठहराए जाने और उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद खाली हुई थी। अब इस सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है।