नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा में लगातार विपक्ष के हंगामे के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है। बार-बार शोर-शराबे की वजह से दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ रही है। विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर चर्चा और गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहा है। इसी बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है।
जब गृह मंत्री जवाब देंगे, विपक्ष सुन नहीं पाएगा- किरेन रिजिजू
मीडिया से बातचीत में किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद में जिस विषय से संबंधित मंत्री होता है, उसी का जवाब सदन में दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह फैसला सरकार और सदन की प्रक्रिया के अनुसार होता है, विपक्ष यह तय नहीं कर सकता कि कौन-सा मंत्री कब सदन में आएगा और जवाब देगा।
रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार नारेबाजी और हंगामा करना विपक्ष की आदत बन गई है। उन्होंने कहा कि जब गृह मंत्री अमित शाह सदन में इस मुद्दे पर जवाब देंगे, तब विपक्ष उनके जवाब का सामना नहीं कर पाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष को उस दिन शांत होकर उनकी बात सुननी पड़ेगी।
संसद में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश होंगे- केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संसद में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाने हैं, लेकिन हंगामे की वजह से उन पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लगातार विरोध प्रदर्शन करते हैं, जिससे पार्टी के नए सांसदों को सदन में बोलने का अवसर नहीं मिल पाता। रिजिजू ने परिसीमन (Delimitation) और महिला आरक्षण को देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण मुद्दे बताया। उन्होंने कहा कि सरकार इन विषयों पर आगे बढ़ना चाहती है, लेकिन कांग्रेस इनके प्रति सकारात्मक रुख नहीं दिखा रही है।
उनके अनुसार, महिला आरक्षण जैसे मुद्दे पर विरोध करना महिलाओं के हितों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि संसद में कई विधेयक पारित हुए हैं, लेकिन चर्चा अपेक्षा से कम हुई क्योंकि विपक्ष लगातार हंगामा करता रहा। रिजिजू के मुताबिक, गृह मंत्री अमित शाह सुबह से देर रात तक संसद में मौजूद रहते हैं और उचित समय आने पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे।
‘कब कौन बोलेगा, अध्यक्ष तय करेगा’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सदन में कौन-सा मंत्री कब बोलेगा और कितनी देर तक बोलेगा, इसका फैसला संसदीय नियमों और अध्यक्ष की अनुमति के अनुसार होता है। यह अधिकार विपक्ष के पास नहीं है। उन्होंने कहा कि जब अमित शाह सदन में बोलेंगे तो विपक्ष को उनकी बात ध्यान से सुननी पड़ेगी। साथ ही उन्होंने दावा किया कि इसके बाद विपक्ष को अब तक किए गए हंगामे पर माफी मांगनी पड़ सकती है।

