Last Updated: September 20, 2026

Dainik Savera Times Logo

CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग तेज, 73 विपक्षी सांसदों ने दिया नया नोटिस

April 24, 2026

CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग तेज, 73 विपक्षी सांसदों ने दिया नया नोटिस

नेशनल डेस्क: नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। शुक्रवार को राज्यसभा के 73 विपक्षी सांसदों ने उनके खिलाफ नया नोटिस दिया है। यह नोटिस उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन को भेजा गया है।

सांसदों का कहना है कि यह नया नोटिस हाल में सामने आई घटनाओं के आधार पर दिया गया है। इसमें 15 मार्च 2026 के बाद ज्ञानेश कुमार के फैसलों और कामकाज पर सवाल उठाए गए हैं। उनका आरोप है कि इन कार्यों से गंभीर स्तर पर गलत आचरण (misconduct) दिखाई देता है।

जांच की मांग क्या है?

विपक्षी सांसद चाहते हैं कि इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की एक कमेटी बनाई जाए। इस कमेटी में सुप्रीम कोर्ट के एक वर्तमान जज, किसी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और एक अन्य न्यायिक सदस्य शामिल हों। यह कमेटी अपनी रिपोर्ट राज्यसभा के सभापति को दे। साथ ही, जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक ज्ञानेश कुमार चुनाव से जुड़े कामों से खुद को अलग रखें।

पहले भी हो चुकी है कोशिश

इससे पहले 12 मार्च को भी उन्हें हटाने का प्रस्ताव लाया गया था। उस समय 63 राज्यसभा और 130 लोकसभा सांसदों ने समर्थन किया था। लेकिन 6 अप्रैल को यह प्रस्ताव सबूतों की कमी बताकर खारिज कर दिया गया था।

क्या हैं आरोप?

नए नोटिस में कहा गया है कि चुनाव आयोग ने आचार संहिता लागू करने में पक्षपात (bias) दिखाया है। एक बड़ा आरोप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 18 मार्च के भाषण को लेकर है। विपक्ष का कहना है कि यह भाषण दूरदर्शन, संसद टीवी और आकाशवाणी पर लाइव दिखाया गया। इसमें विपक्षी दलों जैसे कांग्रेस, DMK, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की आलोचना की गई। मतदाताओं से इन दलों के खिलाफ वोट करने की अपील की गई। यह सब उस समय हुआ जब कुछ राज्यों में चुनाव प्रक्रिया चल रही थी।

शिकायतों पर कार्रवाई नहीं?

सांसदों का आरोप है कि 19 अप्रैल को कुछ सांसदों ने शिकायत दी। 20 अप्रैल को 700 नागरिकों ने भी ज्ञापन दिया लेकिन अब तक चुनाव आयोग की तरफ से कोई नोटिस, सलाह या सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई।

दोहरे रवैये का आरोप

विपक्ष का यह भी कहना है कि जहां उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, वहीं भाजपा की शिकायतों पर तेजी से कदम उठाए गए। इसे उन्होंने “दोहरे मापदंड” (double standards) बताया है। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा है। इसी आधार पर वे मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और पूरे मामले की जांच की मांग कर रहे हैं।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें