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इंदौर में गंदे पानी से फैली बीमारी: हाई-लेवल मीटिंग के बाद मंत्री बोले- 1400 लोग हुए संक्रमित, सभी खतरे से बाहर

Disease spread by contaminated water in Indore

Disease spread by contaminated water in Indore

नेशनल डेस्क: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में गंदे पानी से फैली बीमारी को लेकर गुरुवार को एक हाई-लेवल मीटिंग हुई। यह बैठक मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर बुलाई गई थी। मीटिंग का मकसद हालात की समीक्षा करना और राहत व इलाज के इंतजामों को तेज करना था। अब तक इस मामले में कम से कम चार लोगों की मौत और बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने की बात सामने आई है।

इस मीटिंग में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय दुबे, शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव, डिविजनल कमिश्नर, कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

1400 लोग संक्रमित, 200 लोग अस्पताल में भर्ती

मीटिंग के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि पानी की सप्लाई लाइन से जुड़े टेंडर और तकनीकी दिक्कतों को दूर किया जा रहा है। भागीरथपुरा इलाके का टेंडर एक दिन में क्लियर कर दिया जाएगा और काम तुरंत शुरू होगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की कमी के कारण काम पर दबाव था, इसलिए अब और अधिकारी तैनात किए जा रहे हैं।

मंत्री ने जानकारी दी कि अब तक करीब 1400 लोग संक्रमित हुए हैं। इनमें से लगभग 200 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि बाकी को प्राथमिक इलाज दिया गया। उन्होंने साफ कहा कि कोई भी मरीज गंभीर हालत में नहीं है, यहां तक कि ICU में भर्ती मरीज भी खतरे से बाहर हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि सभी मरीजों को समय पर और सही इलाज मिले।

रेवेन्यू ऑफिसर और हेल्थ ऑफिसर तैनाती के आदेश 

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन अस्पतालों में मरीजों का इलाज चल रहा है, वहां एक रेवेन्यू ऑफिसर और एक हेल्थ ऑफिसर तैनात किया जाए। साथ ही लोगों की मदद के लिए हेल्प डेस्क भी बनाया जाएगा। इस दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भागीरथपुरा इलाके में 70 साल के नंदलाल पाल के घर भी पहुंचे, जिनकी मौत कथित तौर पर गंदा पानी पीने से हुई थी। उन्होंने परिवार से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिया।

पिता की मौत डायरिया और उल्टी की वजह से हुई- सुधा पाल

नंदलाल पाल की बेटी सुधा पाल ने बताया कि उनके पिता की मौत डायरिया और उल्टी की वजह से हुई। उन्होंने कहा कि इलाके के कई लोग बीमार पड़े थे और पानी से बदबू आ रही थी। उनका आरोप है कि गंदे पानी की वजह से ही यह स्थिति बनी।

राहत राशि का ऐलान

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना में जान गंवाने वालों के परिवारों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और सभी प्रभावित लोगों का मुफ्त इलाज कराने का ऐलान किया है। सरकार, जिला प्रशासन और नगर निगम मिलकर इस समस्या को जल्द खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।

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