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बसपा के लिए विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के दरवाजे खुले हैं : कांग्रेस

नई दिल्ली/प्रयागराज। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने रविवार को कहा कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के लिए विपक्षी गठबंधन इंडिया के दरवाजे खुले हैं और अब मायावती को तय करना है कि वह आगामी लोकसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना चाहती हैं या अकेले अपने दम पर। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि विपक्षी गठबंधन इंडिया खुले दिल से चाहता है कि बसपा भी इस गठबंधन का हिस्सा बने, लेकिन मायावती पहले ही घोषणा कर चुकी हैं कि उनकी पार्टी लोकसभा चुनाव अकेले लड़ेगी।राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जाने वाले राज्य उत्तर प्रदेश में भारत जोड़ो न्याय यात्र के दौरान पांडे ने कहा कि कांग्रेस पूरे दिल से समाजवादी पार्टी का समर्थन कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि लोकसभा चुनावों के लिए राज्य में सीट-बंटवारे पर जल्द ही गतिरोध को दूर कर समझौते को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस-सपा गठबंधन उत्तर प्रदेश में उन छोटे दलों के साथ भी बातचीत कर रहा है, जो लोकसभा चुनाव में भाजपा से मुकाबला करने के लिए विपक्षी गठबंधन इंडिया में शामिल होंगे।

उन्होंने जोर देकर कहा कि इस महीने के अंत तक सभी मुद्दों को सुलझा लिया जाएगा।
पांडे ने कहा, उनमें (छोटे दलों) में से कुछ बिना शर्त शामिल हो रहे हैं और कुछ दलों को कुछ अधिक उम्मीदें हैं, इसलिए (उत्तर प्रदेश में सीट-बंटवारे को अंतिम रूप देने में) थोड़ा समय लग रहा है, लेकिन इस महीने के अंत तक सभी मुद्दों को सुलझा लिया जाएगा। अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा के साथ सीट बंटवारे के बारे में पांडे ने कहा कि काफी हद तक सकारात्मक बातचीत जारी है।

उन्होंने कहा, जब आप किसी गठबंधन का हिस्सा बनते हैं तो आपको बातचीत करनी होती है और तर्कसंगत तरीके से तय करना होता है कि सबसे अच्छा उम्मीदवार कौन होगा, जो भाजपा को उचित टक्कर दे पाएगा। उन्होंने कहा कि इसलिए हम इसका वेिषण कर रहे हैं और मुझे पूरी उम्मीद है कि जल्द ही सीट बंटवारे के ‘फॉमरूले’ को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। जयंत चौधरी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के विपक्षी गठबंधन इंडिया से बाहर निकलने को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कांग्रेस महासचिव ने विश्वास जताया कि इस महीने के अंत में यात्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश से भी गुजरेगी, जहां विपक्षी गठबंधन लोगों का समर्थन जुटाने की कोशिश करेगा।

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