Last Updated: September 20, 2026

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‘सरकार के पास सिर्फ चार दिन बचे, इसलिए विधानसभा सत्र भी चार दिन का’, अखिलेश यादव का बीजेपी पर हमला

August 2, 2026

‘सरकार के पास सिर्फ चार दिन बचे, इसलिए विधानसभा सत्र भी चार दिन का’, अखिलेश यादव का बीजेपी पर हमला

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोमवार से शुरू होने वाले यूपी विधानसभा के चार दिवसीय मानसून सत्र को लेकर तंज कसते हुए कहा कि सरकार के पास अब “सिर्फ चार दिन” ही बचे हैं, इसलिए विधानसभा का सत्र भी केवल चार दिन के लिए बुलाया गया है।

अखिलेश यादव ने क्या कहा?

लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि विधानसभा सत्र के चारों दिन सरकार अलग-अलग विवादों से बचने में ही निकाल देगी। उन्होंने कहा कि पहले दिन सरकार श्रद्धांजलि कार्यक्रम में समय बिताएगी। दूसरे दिन अयोध्या में भगवान राम मंदिर में हुई कथित चोरी के मामले की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने के बजाय केंद्र सरकार पर डालने की कोशिश करेगी। तीसरे दिन पूरे प्रदेश में छात्रों के आंदोलन और उनकी मांगों से जुड़े सवालों से बचने का प्रयास करेगी। वहीं चौथे दिन एक दुखी मां के सार्वजनिक अपमान के मामले पर जवाब देने से बचते हुए जल्द सत्र समाप्त करने की घोषणा कर देगी।

अखिलेश यादव ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी के विधायक सरकार से बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और प्रदेश के विकास से जुड़े कई मुद्दों पर जवाब मांगेंगे। उन्होंने बताया कि सपा एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं, बढ़ी हुई बिजली दरों और अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा भी सदन में उठाएगी। उन्होंने जौहर विश्वविद्यालय का मुद्दा उठाते हुए भी सरकार की आलोचना की। अखिलेश ने कहा कि अगर वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो वह प्रदेश में पहले से बेहतर स्तर का जेपीएनआईसी (जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर) तैयार करेगी।

सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि भाजपा को भी अब यह एहसास हो गया है कि वह दोबारा सत्ता में नहीं लौटेगी। इसी वजह से सरकार विधानसभा को गंभीरता से नहीं ले रही है और केवल औपचारिकता निभाने के लिए सत्र बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि यह मानसून सत्र भी सरकार की “चलाचली की बेला” जैसा सत्र साबित होगा।

प्रदेश में 26 हजार सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए- अखिलेश 

इस दौरान अखिलेश यादव ने “पीडीए ऑडिट-4” भी जारी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में 26 हजार सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जिससे सबसे ज्यादा नुकसान पिछड़े, दलित और आदिवासी समाज के बच्चों को होगा। उनके अनुसार स्कूलों के विलय (मर्जर) की वजह से करीब 28 लाख बच्चों का नामांकन कम हो गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में सरकारी नौकरियों की संख्या लगातार घट रही है। स्कूलों में 62 हजार से अधिक शिक्षकों की संख्या कम हुई है, जबकि 81 हजार से ज्यादा शिक्षक पद अभी भी खाली पड़े हैं। उनका आरोप है कि सरकार इन खाली पदों पर नई भर्तियां नहीं कर रही, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

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