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बंगाल में अवैध हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद, सुवेंदु अधिकारी बोले- शांति, सुरक्षा और लोकतंत्र रहेगा कायम

Illegal arms cache recovered: पश्चिम बंगाल में पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अवैध हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है। इस सफलता के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में शांति, सुरक्षा और लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

STF को मिली पक्की खुफिया जानकारी के आधार पर दक्षिण 24 परगना जिले के कुमराखाली, बसंती और संदेशखाली क्षेत्र के सरबेरिया बाजार के आसपास कई स्थानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में छिपाकर रखे गए अवैध हथियार और गोला-बारूद जब्त किए। अधिकारियों का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल इलाके में अशांति फैलाने और लोगों में डर का माहौल बनाने के लिए किया जा सकता था।

सुवेंदु अधिकारी ने कार्रवाई को बड़ी उपलब्धि बताया

सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए इस कार्रवाई को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों से राज्य में अवैध हथियारों का इस्तेमाल आम लोगों और राजनीतिक विरोधियों को डराने के लिए किया जाता रहा है। उनके अनुसार, हिंसा के इस माहौल में कई विपक्षी कार्यकर्ताओं, खासकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अपनी जान गंवाई थी।

उन्होंने कहा कि अब हालात बदल चुके हैं और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। अधिकारी ने दावा किया कि पूरे पश्चिम बंगाल में मौजूद हर अवैध हथियार को खोजकर जब्त किया जाएगा और राज्य से आपराधिक गतिविधियों तथा राजनीतिक हिंसा को खत्म करने का प्रयास जारी रहेगा।

पूर्व विधायक सौकत मोल्ला गिरफ्तार

इसी बीच, नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने भांगड़ बम विस्फोट मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए फरार चल रहे मुख्य आरोपी और पूर्व विधायक सौकत मोल्ला को गिरफ्तार कर लिया है। NIA ने उसे दक्षिण 24 परगना जिले से पकड़ा। यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बम बनाने के दौरान हुए विस्फोट से जुड़ा है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे। इससे पहले NIA ने मामले में एक अन्य आरोपी सै नूर मोल्ला को भी गिरफ्तार किया था।

जांच में सामने आया कि विस्फोट के बाद उसी ने अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से मृतक और घायलों को अलग-अलग स्थानों और अस्पतालों तक पहुंचाया था। बाद में उन्हें एम्बुलेंस के हवाले किया गया था। इस मामले में एम्बुलेंस चालक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। NIA अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी। गृह मंत्रालय के निर्देश पर जांच कर रही एजेंसी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।

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