नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के बजट सत्र के दौरान राज्यसभा में पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध को लेकर देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष को शुरू हुए तीन हफ्तों से ज्यादा समय हो चुका है और अब इसका असर पूरी दुनिया पर दिखने लगा है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। अगर यह संघर्ष लंबे समय तक चलता है, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। भारत पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है, क्योंकि हमारे व्यापार मार्ग प्रभावित हो रहे हैं। इससे पेट्रोल, डीज़ल, गैस और उर्वरकों की सप्लाई में दिक्कतें आ रही हैं।
#WATCH | West Asia conflict | In Rajya Sabha, PM Narendra Modi says, “…It has been more than 3 weeks since the war in West Asia started. The war has caused a serious energy crisis in the world. For India, too, this situation is concerning. The war has impacted our trade routes.… pic.twitter.com/OSqX2GwQ0P
— ANI (@ANI) March 24, 2026
उन्होंने यह भी बताया कि खाड़ी देशों में करीब 1 करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा और आजीविका भारत सरकार के लिए बड़ी चिंता का विषय है। इसके अलावा, होर्मुज़ जलडमरूमध्य में कई जहाज़ फंसे हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय चालक दल के सदस्य भी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस मुश्किल समय में राज्यसभा को शांति और बातचीत के पक्ष में एकजुट आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्होंने पश्चिम एशिया के कई देशों के नेताओं से दो बार बातचीत की है। भारत लगातार खाड़ी देशों के साथ-साथ ईरान, इज़रायल और अमेरिका के संपर्क में है।
#WATCH | West Asia conflict | In Rajya Sabha, PM Narendra Modi says, “I have spoken to the Heads of States of most of the West Asian countries twice. We are in continuous communication with all Gulf countries. We are also in communication with Iran, Israel and US. Our goal is the… pic.twitter.com/vmAei6qjWu
— ANI (@ANI) March 24, 2026
सरकार का मुख्य लक्ष्य बातचीत और कूटनीति के जरिए इस क्षेत्र में शांति स्थापित करना है। भारत ने सभी पक्षों से तनाव कम करने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खुला रखने की अपील की है, क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है। प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि व्यापारिक जहाजों पर हमले करना या अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों को बाधित करना बिल्कुल अस्वीकार्य है। भारत ने नागरिकों और जरूरी बुनियादी ढांचे पर हमलों का भी विरोध किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार इस कठिन समय में भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। भारत का मानना है कि युद्ध में किसी भी इंसान की जान को खतरा होना मानवता के खिलाफ है, इसलिए सभी देशों को मिलकर शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में काम करना चाहिए।
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