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‘अगर ट्रंप कहें तो मोदी कूद जाएंगे’, राहुल गांधी का पीएम पर जोरदार हमला

'If Trump says so, Modi will jump', Rahul Gandhi's scathing attack on PM Modi

'If Trump says so, Modi will jump', Rahul Gandhi's scathing attack on PM Modi

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए। गुरुग्राम में एक सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि पीएम मोदी अमेरिका के दबाव में काम कर रहे हैं और उनकी राजनीतिक स्वतंत्रता प्रभावित हो चुकी है।

ट्रंप पीएम मोदी से कुछ भी करने को कहेंगे, तो वे ऐसा करेंगे

राहुल गांधी ने अपने भाषण में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दिवंगत सेक्स अपराधी जेफरी एपस्टीन का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में मौजूद एपस्टीन से जुड़ी बड़ी संख्या में फाइलों में प्रधानमंत्री मोदी के बारे में ऐसी जानकारी है, जिसका इस्तेमाल अमेरिका दबाव बनाने के लिए कर सकता है। राहुल गांधी ने कहा कि अगर डोनाल्ड ट्रंप पीएम मोदी से कुछ भी करने को कहेंगे, तो वे ऐसा करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच हुए समझौते भारत की इच्छा से नहीं बल्कि अमेरिकी दबाव में किए गए हैं।

अपने भाषण में राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका में एपस्टीन से जुड़ी लाखों फाइलें मौजूद हैं और उनमें पीएम मोदी के “इतिहास और चरित्र” से जुड़ी बातें दर्ज हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका इन फाइलों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए कर रहा है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी सवाल उठाए

राहुल गांधी ने हाल की भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते में भारत के कृषि क्षेत्र, छोटे और मध्यम उद्योगों तथा ऊर्जा सुरक्षा को नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का डेटा भी अमेरिका को सौंप दिया गया है। राहुल गांधी के मुताबिक, कोई भी प्रधानमंत्री बिना दबाव के ऐसी डील नहीं कर सकता।

इससे पहले भी राहुल गांधी कई बार पीएम मोदी पर अमेरिका के दबाव में काम करने का आरोप लगा चुके हैं। अप्रैल में हुगली की एक रैली में भी उन्होंने इसी तरह के बयान दिए थे। हालांकि, राहुल गांधी के इन दावों के समर्थन में अब तक कोई सार्वजनिक या आधिकारिक सबूत सामने नहीं आया है। अभी तक ऐसी कोई विश्वसनीय रिपोर्ट नहीं मिली है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे तौर पर जेफरी एपस्टीन के नेटवर्क या फाइलों से जोड़ती हो।

विदेश मंत्रालय दे चुका है प्रतिक्रिया 

जनवरी 2026 में भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि एपस्टीन फाइलों में प्रधानमंत्री मोदी और उनके इजराइल दौरे का जो जिक्र किया गया है, वह एक दोषी अपराधी की “बेकार की बातें” हैं और उन्हें पूरी तरह खारिज किया जाना चाहिए। वहीं, बीजेपी ने इन नए आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालांकि पार्टी के नेताओं ने पहले ऐसे आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी और झूठा प्रचार बताया है। सांसद संवित पात्रा ने कांग्रेस पर एपस्टीन फाइलों से जुड़े ईमेल को एडिट कर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया था।

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