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‘भारत में रहना है तो संविधान मानना होगा’, हिजाब विवाद पर ओवैसी को NDA का जवाब

Asaduddin Owaisi

Asaduddin Owaisi

नई दिल्ली: सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने ‘हिजाब’ विवाद पर एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी को लेकर पलटवार किया है। उन्होंने बयान की निंदा करते हुए ओवैसी पर वोटबैंक की राजनीति करने और शिक्षा व प्रगति के मुद्दे को ‘सांप्रदायिक रंग’ देने का आरोप लगाया।

ओवैसी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले की कड़ी आलोचना की थी, जिसमें प्रयागराज के एक स्कूल के नाबालिग छात्र की याचिका खारिज कर दी गई थी। छात्र ने तय स्कूल यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने की अनुमति मांगी थी।

‘भारत में अगर रहना है संविधान को ही मानना पड़ेगा’

इस पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “असदुद्दीन ओवैसी अपने आप को क्या समझते हैं, यही समझ नहीं आता है। क्या वे भारत के संविधान को मानने वाले लोग हैं या संविधान के विरुद्ध चलने वाले लोग हैं। अगर उनके मनमुताबिक फैसला कोर्ट दे, तो वो ठीक, अगर मनमुताबिक फैसला नहीं हो तो कोर्ट का विरोध करते हैं। भारत में अगर रहना है तो भारत के संविधान को ही मानना पड़ेगा।”

भाजपा नेता नलिन कोहली ने कहा, “कांग्रेस हो या ओवैसी हो, अगर वो कह रहे हैं कि हिजाब पहनना जरूरी है तो उन्हें जवाब देना होगा कि जो मुस्लिम बहन-बेटियां हिजाब पहनने से इनकार करती हैं तो क्या वे मुस्लिम नहीं हैं। इस देश और दुनिया में अनेकों मुस्लिम बहन-बेटियां हिजाब नहीं पहनती हैं।”

‘बेटियां अंतरिक्ष तक पहुंच चुकी, आप हिजाब और बुर्के में ही सीमित’

विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा, “जब बराबरी, एकता, अखंडता या महिलाओं के अधिकारों की बात आती है, तो उनके कहने और करने में साफ फर्क दिखता है। चाहे मुस्लिम लीग हो जो संविधान का जिक्र करती है, या कांग्रेस पार्टी जो जिहादियों का समर्थन करती है। देश की बेटियां अंतरिक्ष तक पहुंच चुकी हैं और फाइटर जेट उड़ा रही हैं, फिर भी आप उन्हें हिजाब और बुर्के में ही सीमित रखना चाहते हैं।”

ओवैसी का अपना वोटबैंक की राजनीति का एजेंडा

शिवसेना की प्रवक्ता शायना एनसी ने कहा कि हालांकि कोई भी हिजाब पहनने के विचार के खिलाफ नहीं है, लेकिन मुस्लिम महिलाओं को इसे पहनने के लिए मजबूर नहीं किया जाता है। शायना एनसी ने कहा, “व्यक्तिगत रूप से, हम हिजाब पहनने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन कहीं भी यह नहीं कहा गया है कि इस्लाम में महिलाओं को हिजाब पहनना ही चाहिए। लेकिन जाहिर है कि असदुद्दीन ओवैसी का अपना वोटबैंक की राजनीति का एजेंडा है। वह कयामत के दिन तक बहस कर सकते हैं, लेकिन यह समझें कि यूनिफॉर्म से अनुशासन और समानता आती है, जो धर्मनिरपेक्षता का प्रतीक है। जब बच्चों में यूनिफॉर्म से अनुशासन और समानता आती है, तो इससे पता चलता है कि संस्थान की पहचान बनी हुई है।”

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