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‘सीमांचल से अवैध घुसपैठियों को बाहर निकाला जाएगा’, अररिया में गरजे अमित शाह

Illegal infiltrators will be expelled from the border

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नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज बिहार के दौरे पर हैं। उन्होंने अररिया में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठियों को लेकर भी महत्वपूर्ण बातें कहीं। शाह ने कहा कि सरकार पूरे देश को घुसपैठ से मुक्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। भारत की जमीन से हर एक घुसपैठिए को निकालने का अभियान चलाया जाएगा।

घुसपैठियों पर सख्त रुख

अमित शाह ने यह भी कहा कि सरकार देश से अवैध घुसपैठियों को बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिर्फ वोटर लिस्ट से नाम हटाना काफी नहीं है, बल्कि भारत की जमीन से हर एक घुसपैठिए को निकालने का अभियान चलाया जाएगा। शाह के अनुसार, यह अभियान जल्द ही सीमांचल क्षेत्र से शुरू किया जाएगा और सरकार पूरे देश को घुसपैठ से मुक्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। कुल मिलाकर, अपने भाषण में अमित शाह ने एक ओर वीर सावरकर के योगदान को याद किया, वहीं दूसरी ओर सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर सरकार की नीति और सख्त रुख को भी स्पष्ट किया।

 

सीमा सुरक्षा पर दिया विशेष जोर

अपने संबोधन में अमित शाह ने सीमा सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भले ही भारत की सीमाएं मित्र देशों से लगती हों, लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी है। उन्होंने सीमा पर तैनात जवानों से अपील की कि वे हर समय चौकन्ने रहें, खुफिया तंत्र (इंटेलिजेंस नेटवर्क) को मजबूत रखें, सीमावर्ती गांवों के लोगों से लगातार संपर्क बनाए रखें, ताकि समय पर सही जानकारी मिल सके और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

वीर सावरकर को दी श्रद्धांजलि

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सावरकर को “अद्वितीय और बेमिसाल योद्धा” बताते हुए कहा कि उनकी लेखनी ने पूरे देश में देशभक्ति की भावना को मजबूत किया। यह बयान उन्होंने बॉर्डर आउट पोस्ट ‘लेटी’ और ‘इंदरवा’ के उद्घाटन तथा सशस्त्र सीमा बल (SSB) की विभिन्न परियोजनाओं के ई-उद्घाटन और शिलान्यास के अवसर पर दिया।

सावरकर के योगदान को किया याद

अमित शाह ने कहा कि वीर सावरकर सिर्फ आज़ादी की लड़ाई के साहसी सेनानी ही नहीं थे, बल्कि एक निडर और विचारशील नेता भी थे। उन्होंने कहा कि सावरकर ने अपनी रचनाओं के माध्यम से देशभक्ति की लहर पैदा की। वे मूल सिद्धांतों पर आधारित सोच रखने वाले नेता थे। उन्होंने छुआछूत खत्म करने, भाषा की शुद्धता और राष्ट्रवाद जैसे विषयों पर लगातार काम किया। शाह ने कहा कि सावरकर ने जीवन के अंतिम समय तक राष्ट्रहित के लिए प्रयास किए और पूरा देश उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करता है।

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